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कल आज और कल: उज्‍जवल है ऐतिहासिक फिल्मों का भविष्य, 2021 में कई ऐतिहासिक फिल्में रिलीज के लिए तैयार

हिंदी सिनेमा की शुरूआत मूक फिल्मों से हुई। लोग बहुत चाव से इसे देखते थे क्योंकि लोगों के लिए परदे पर परछाइयों का हिलना-डुलना आश्चर्य का विषय था। ऐतिहासिक एवं धार्मिक फिल्मों को लोगों ने पसंद किया तो बड़ी संख्या में ऐसी फिल्मों का निर्माण शुरू हो गया।

Updated: December 17, 2020 10:33 PM
हिंदी सिनेमा की शुरुआत पौराणिक, धार्मिक फिल्मों से हुई थी।

आरती सक्सेना

हिंदी सिनेमा की शुरुआत पौराणिक, धार्मिक के साथ ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर मूक फिल्मों से हुई थी, तो इसकी वजह यह थी कि जनमानस को इनसे जुड़े किस्से, कहानियां और घटनाएं स्मरण थीं और भाषा के अभाव के बावजूद फिल्म को समझना आसान होता था। बाद में सिनेमा में इतिहास की पृष्ठभूमि पर बनी फिल्में का दौर शुरू हो गया। ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर बनी फिल्में हर दशक में बनती रहीं और आज भी फिल्मकार ऐसी फिल्में बना रहे हैं। 2021 में ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर बनी कई फिल्में प्रदर्शन के लिए तैयार हैं। सिनेमा में ऐतिहासिक फिल्मों के इस दौर पर एक नजर।

मूक फिल्मों के दौर में लोकप्रिय पौराणिक कहानियों पर बनी फिल्मों की बाढ़ आ गई। रामायण और महाभारत से जुड़ी फिल्में खूब बनीं। ‘कंस वध’, ‘लव कुश’, ‘कृष्ण सुदामा’, ‘महाभारत’, ‘वीर अभिमन्यु’, ‘राम रावण युद्ध’, ‘सीता वनवास’ जैसी फिल्में खूब पसंद की गई। इनके साथ ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर बनी मूक फिल्में ‘सम्राट अशोक’, ‘कालिदास’, ‘बाजीराव मस्तानी’, ‘छत्रपति संभाजी’, ‘राणा प्रताप’ को सिनेमाप्रेमियों ने सिर-आंखों पर लिया। बाद में सामाजिक फिल्मों का जमाना आया।

मूक फिल्मों को लोग बहुत चाव से देखते थे क्योंकि लोगों के लिए परदे पर परछाइयों का हिलना-डुलना आश्चर्य का विषय था। ऐतिहासिक फिल्मों को लोगों ने पसंद किया तो बड़ी संख्या में ऐसी फिल्मों का निर्माण शुरू हो गया था। ज्यादातर फिल्में राजा-महाराजा, मशहूर युद्धों और संतों के जीवन पर थीं। ऐतिहासिक फिल्में हर दौर में बनीं और आज भी बन रही हैं।

आजादी के बाद ऐतिहासिक फिल्मों का दौर जोर शोर से आया। इस दौर के सशक्त हस्ताक्षर थे सोहराब मोदी और उनकी कंपनी मिनर्वा मूवीटोन। उन्होंने ‘पुकार’, ‘सिंकदर’, ‘पृथ्वीवल्लभ’, ‘मिर्जा गालिब’ जैसी फिल्में बनार्इं। 1952 में उन्होंने ‘झांसी की रानी’ फिल्म का निर्माण किया, जिसमे झांसी की रानी का किरदार उनकी पत्नी मेहताब ने निभाया था।

इसके दो साल बाद मिर्जा गालिब पर फिल्म बनी जिसका लेखन राजेंद्र सिंह बेदी और सआदत हसन मंटो ने किया था। आलम यह था कि कोई मुगल सम्राटों के जीवन को परदे पर उतार रहा था तो छत्रपति शिवाजी महाराज और मराठा शासकों पर फिल्में बना रहा था। आजादी के बाद एक ओर ‘सलीम अनारकली’ ‘मुगले आजम’, ‘जहांगीर’, ‘ताजमहल’ जैसी कई भव्य फिल्में बनीं, तो दूसरी ओर देशभक्ति पर आधारित ‘हकीकत’, ‘हिंदुस्तान की कसम’, ‘शहीद’ जैसी कई सफल पीरियड फिल्में भी लोगों को देखने को मिलीं।

लोकप्रिय ऐतिहासिक फिल्में

हिंदी सिनेमा की त्रिमूति- राज कपूर, दिलीप कुमार, देव आनंद-के दशकों बाद जब बॉलीवुड में आमिर खान, शाहरुख खान, सलमान खान की तिकड़ी का दबदबा बढ़ा तब भी ऐतिहासिक फिल्मों का दौर चला। हालिया कुछ सालों में बनी फिल्मों में कंगना रानौत अभिनीत और निर्देशित ‘मणिकर्णिका’, दीपिका पादुकोण, रणवीर सिंह अभिनीत ‘बाजीराव मस्तानी’ और ‘पदमावत’, ऋत्विक रोशन अभिनीत ‘मोएनजो दड़ो’ और ‘जोधा अकबर’। आमिर खान अभिनीत ‘मंगल पांडे’ और शाहरूख खान की ‘अशोका’ आदि फिल्मों ने हिंदी सिनेमा में अपनी जगह बनाई।

ऐतिहासिक फिल्मों से जुड़े विवाद

ऐतिहासिक फिल्में बनाना जितना मुश्किल हैं उतना ही मुश्किल रिलीज के दौरान इनसे जुड़े विवादों को लेकर आलोचकों से निबटना। खासतौर पर हिंदुस्तान में फिल्मों की रिलीज पर भावनाएं आहत हो जाती हैं। लिहाजा हर दूसरी ऐतिहासिक फिल्म को विवादों का सामना करना पड़ा है। संजय लीला भसांली की फिल्म ‘पद््मावत’ कई सारे विवादों से घिरी रहीं। यहां तक की फिल्म के नाम में फेरबदल करना पड़ा। उसके बाद ‘मणिकर्णिका’ के दौरान भी कई सारे विवाद सामने आए।

आमिर खान की ‘मंगल पांडे’ में एक चुंबन दृश्य और कुछ अन्य दृश्यों के चलते फिल्म पर विवाद खड़ा हुआ। इसी तरह संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘बाजीराव मस्तानी’ भी विवादों में घिरी। ‘जोधा अकबर’ में ऐतिहासिक किरदारों से छेड़छाड़ को लेकर विवाद खड़ा हुआ। ऐसी फिल्मों में 300 से 500 करोड़ लगना आम बात है, लिहाजा निर्माताओं पर भारी दबाव रहता है।

जारी है ऐतिहासिक फिल्मों का दौर

2021 में ऐतिहासिक फिल्मों का नया दौर शुरू होने जा रहा है जिसमें कई भव्य फिल्में दर्शकों के सामने आएंगी। इनमें अक्षय कुमार की फिल्म ‘पृथ्वीराज चौहान’, अजय देवगन सोनाक्षी सिन्हा की ‘भुज’, अजय देवगन, जूनियर एनटीआर, रामचरण, आलिया भटट की फिल्म ‘आरआरआर’, वरुण धवन की मिस्टर लेले ,रणवीर सिंह और करीना कपूर की ‘तख्त’, आमिर खान करीना कपूर अभिनीत ‘लाल सिंह चड्ढा’ विक्की कौशल अभिनीत ‘सरदार उधम सिंह’, मनोज बाजपेयी, अर्जुन रामपाल, बोमन इरानी अभिनीत ‘मुगल रोड’, अर्जुन रामपाल और दीगंगना की ‘द बैटल आॅफ भीमा कोरेगाव’, महाभारत के चरित्र कर्ण पर आधारित ‘महावीर कर्ण’ जिसमे एक्टर विक्रम और मलयालम एक्टर सुरेश गोपी नजर आएंगे।

ये फिल्म कन्नड़, हिंदी, मलयालम, तमिल में रिलीज होगी। अजय देवगन, कृति सेनन, जाह्नवी कपूर की ‘मैदान’ ,आदि फिल्में रिलीज के लिए तैयार हैं।

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