असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा है कि वह उन पर जमीन हड़पने का आरोप लगाने वाले कांग्रेस नेताओं के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर की गई एक पोस्ट में सरमा ने बुधवार को कहा कि वह कांग्रेस महासचिव जितेंद्र सिंह, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, असम कांग्रेस के अध्यक्ष गौरव गोगोई और पार्टी के वरिष्ठ नेता देबब्रता सैकिया के खिलाफ दीवानी और फौजदारी मानहानि की कार्यवाही शुरू करेंगे।
सरमा ने कहा, “हिट-एंड-रन की राजनीति का दौर खत्म हो चुका है। अगर उनमें रत्तीभर भी हिम्मत है या उनके पास सबूत हैं, तो अदालत के सामने हर एक आरोप साबित करें।” मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं दुष्प्रचार, साजिशन बदनामी, या गांधी परिवार के तथाकथित दासों की राजनीतिक नाटकबाजी से डरने वाला नहीं हूं।”
क्या कहा था कांग्रेस नेताओं ने?
इससे पहले गौरव गोगोई ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में सरमा पर गंभीर आरोप लगाए थे। गोगाई ने आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री हिमंता और उनके परिवार ने पूरे राज्य में लगभग 12,000 बीघा (3,960 एकड़ से अधिक) जमीन पर कब्जा किया हुआ है।
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गोगोई ने दावा किया कि सरमा ने इसी भूमि घोटाले को छिपाने के लिए उनके (गोगोई के) कथित पाकिस्तानी संबंधों का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने जांच की है और इसमें कुछ चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। मुख्यमंत्री और उनके परिवार ने पूरे असम में लगभग 12,000 बीघा जमीन पर कब्जा किया हुआ है। यह आंकड़ा अंतिम नहीं है, क्योंकि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में यह बढ़ सकता है।”
गोगोई के दावों में सच्चाई नहीं- बीजेपी
इन आरोपों के जवाब में बीजेपी के प्रवक्ता रंजीब कुमार शर्मा ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि गोगोई के दावों में कोई सच्चाई नहीं है।
बीजेपी नेता ने कहा, “उनके इस बयान में क्या सच्चाई है? क्या इतनी बड़ी जमीन रखना संभव है, जबकि भारतीय कानूनों के अनुसार कोई भी व्यक्ति 50 बीघा से अधिक जमीन नहीं रख सकता? यह जमीन सीमा अधिनियम के कारण संभव नहीं है। इसका मतलब है कि गौरव गोगोई को कानूनों की जानकारी नहीं है।”
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