असम के अगले मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा होंगे। उन्हें भाजपा विधायक दल का नेता चुन लिया गया है। रविवार सुबह भाजपा विधायक दल की बैठक कोई जिसमें हिमंता को नेता चुना गया। केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और सह पर्यवेक्षक के तौर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी मौजूद थे।

विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद हिमंता ने X पर एक पोस्ट में कहा, “मैं आदरणीय मोदी जी का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने मुझ पर भरोसा जताते हुए मुझे लगातार दूसरी बार असम की जनता के मुख्य सेवक के रूप में सेवा करने का अवसर दिया। नितिन नवीन और आदरणीय अमित शाह जी को उनके निरंतर मार्गदर्शन और दिशा-दर्शन के लिए हार्दिक धन्यवाद। मैं एनडीए परिवार के सभी निर्वाचित विधायकों का भी हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने मुझे एनडीए विधानसभा पार्टी का नेता चुना और मुझे विकसित और सुरक्षित असम के जनादेश को पूरा करने का दायित्व सौंपा। मां कामाख्या के आशीर्वाद और असम की जनता के समर्थन से, मैं उस यात्रा को जारी रखने के लिए तत्पर हूं जिसे हमारी पार्टी ने 2016 में शुरू किया था, ताकि मैं ऐ असमी की सेवा में चौबीसों घंटे तत्पर रह सकूँ।”

असम में बनी है बीजेपी सरकार

असम में बीजेपी के नेतृत्व वाले गठबंधन को 102 सीट मिली है जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाला गठबंधन 21 सीटों पर सिमट गया। हिमंता 12 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा भाजपा के बड़े नेता और NDA और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा ले सकते हैं।

जेपी नड्डा ने दी बधाई

हिमंता के विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने X पर एक पोस्ट में कहा, “हिमंता को भाजपा एवं एनडीए विधायक दल के नेता चुने जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देता हूं। असम की जनता ने लगातार तीसरी बार विकास, स्थिरता और जनकल्याण को अपना आशीर्वाद दिया है। आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार “विकसित असम” के संकल्प को साकार करते हुए “विकसित भारत” के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।”

असम विधानसभा चुनाव में हार के बाद अब विपक्षी गठबंधन में दरार दिखने लगी है। गठबंधन सहयोगी रायजोर दल के नेता अखिल गोगोई ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस के पास भाजपा के विजय रथ को रोकने के लिए कोई काउंटर प्लान नहीं। अखिल गोगोई की पार्टी रायजोर दल ने 13 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से दो पर जीत हासिल हुई। वहीं कांग्रेस ने 100 सीटों पर चुनाव लड़कर 19 सीटें जीतीं। अखिल गोगोई ने कांग्रेस नेतृत्व पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विधानसभा में विपक्ष की कोई ठोस रणनीति नहीं थी।

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2026 के विधानसभा चुनावों में अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग नतीजे देखने को मिले। भारतीय चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, कहीं बड़ी जीत देखने को मिली तो कहीं कम मतों से उम्मीदवारों ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को हराया। पूरी खबर पढ़ें