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मणिकर्ण में गुरुद्वारा सराय पर चट्टान गिरी, 7 की मौत

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में आज सिख तीर्थस्थल गुरुद्वारा मणिकर्ण साहिब की दीवार ढहने से सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई तथा तीन अन्य घायल हो गये।
Author August 19, 2015 09:03 am
हिमाचल में गुरुद्वारे की दीवार ढही, सात की मौत, 7 लापता

जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल मणिकर्ण के ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब परिसर में बनी सराय पर मंगलवार दोपहर एक बड़ी चट्टान गिरने से सात युवकों की मौत हो गई। मलबे से 11 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जो घायल हैं। एक गंभीर घायल को पीजीआइ, चंडीगढ़ रेफर किया गया है।

अधिकारियों के मुताबिक ये सभी बाइकों पर सवार होकर यहां घूमने आए थे। देर शाम उपायुक्त राकेश कंवर ने बताया कि पहाड़ी से गिरी चट्टान से भवन से टूटकर गिरा सारा मलबा हटा दिया गया है। पहले यह खबर आई थी कि कुछ लोग मलबे में दबे हो सकते हैं।

मृतकों की पहचान यादविंद्र सिंह पुत्र सुखविंद्र सिंह, लखविंद्र सिंह पुत्र हरि सिंह, सोनी राम पुत्र मग्गर राम, गुरदीप सिंह पुत्र हरदेव सिंह, गोपाल सिंह पुत्र हरि राम, रघुवीर सिंह पुत्र बालकृष्ण, काका सिंह पुत्र हरदयाल सिंह के रूप में हुई है। ये सभी पंजाब में संगरूर जिले के रोगला टरवा मंडी गांव के रहने वाले हैं।

घायलों में निक्का राम पुत्र बिलू राम, तरसेम पुत्र हेमराज, मिठू सिंह पुत्र गुरजंटा सिंह, अवतार सिंह पुत्र बृजभान सिंह, लोकराज पुत्र ओम प्रकाश, पविंद्रजीत सिंह पुत्र लाल सिंह, हंसराज पुत्र बालाराम, रविंद्र सिंह पुत्र रोडा सिंह, हरजिंद्र सिंह पुत्र अजायब सिंह, हरमेश सिंह पुत्र लीला राम और गुरविंद्र सिंह पुत्र गुरचरण सिंह हैं। गुरविंद्र सिंह और हंसराज को पीजीआइ रेफर कर दिया गया है।

चट्टान गिरने से सराय के पास बना एक मकान भी ध्वस्त हो गया है। घटनास्थल पर बड़े पैमाने पर राहत कार्य शुरू किए गए हैं। हादसा मंगलवार दोपहर बाद हुआ जब गुरुद्वारे के साथ लगती पहाड़ी से एक बड़ी चट्टान खिसक कर इसके रिहायशी हिस्से पर आ गिरी। चट्टान खिसकने की गति तेज होने से गुरुद्वारे की सराय की पांच मजिलों का बड़ा हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और सराय क्षेत्र में रह रहे करीब तीन दर्जन लोग मलबे के नीचे दब गए।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों और गुरुद्वारे से जुड़े लोगों ने राहत कार्य शुरू कर दिया। 18 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया, जिसमें से सात की मौत हो चुकी थी। घायल 11 लोगों को उपचार के लिए क्षेत्रीय अस्पताल, कुल्लू पहुंचाया गया है।

अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी विनय सिंह ठाकुर, एएसपी निश्चिंत सिंह नेगी, एसडीएम रोहित राठौर, तहसीलदार एसपी जसवाल और अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर राहत और बचाव कार्य शुरू करवाया। पुलिस और होमगार्ड के अलावा एनडीआरएफ और सशस्त्र सीमा बल की रेस्क्यू टीमें भी मौके पर पहुंच कर बचाव कार्य में जुट गई हैं।

कुल्लू के एसडीएम रोहित राठौर ने बताया कि क्षेत्र की सड़कों में कार्यरत लोक-निर्माण विभाग के सभी कर्मचारियों को भी राहत कार्य में लगा दिया है। स्थानीय लोग भी राहत में मदद कर रहे हैं। उन्होंने अभी कुछ और लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई है।

गंभीर घायल गुरविंद्र सिंह जिसे पीजीआइ रैफर किया गया है, को फौरी राहत के रूप में जिला प्रशासन की ओर से 15 हजार रुपए दिए गए हैं। गंभीर रूप से घायल दो अन्य लोगों को भी दस-दस हजार की राहत राशि दी गई है। अन्य घायलों को पांच-पांच हजार और तीन-तीन हजार रुपए दिए गए हैं।

हादसे की सूचना मिलते ही कुल्लू दौरे पर आए पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल भी घटना स्थल पर पहुंचे और राहत कार्य का जायजा लिया। उन्होंने घटना पर गहरा शोक प्रकट किया है। राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, स्थानीय विधायकों महेश्वर सिंह, कर्ण सिंह, खूब राम और गोविद सिंह ने शोक-संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना जताई है।

किशन श्रीमान

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