पंजाब और कश्मीर से जम्मू तक हेरोइन की तस्करी की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि दो हफ़्ते के अंदर दो बार नशीली दवाओं की खेप मिलने से पता चला है कि हेरोइन न सिर्फ़ कश्मीर में लाइन ऑफ कंट्रोल के पार से, बल्कि पड़ोसी पंजाब में इंटरनेशनल बॉर्डर के पार से भी जम्मू में भेजी जा रही है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अधिकारियों का दावा है कि उन्होंने दो अलग-अलग रास्तों की पहचान की है जहां से हेरोइन की तस्करी हो रही है। पहला रास्ता पंजाब-जम्मू कॉरिडोर से और दूसरा नॉर्थ कश्मीर में उरी के रास्ते से हो रहा है।
पिछले ऑपरेशन में अधिकारियों का दावा है कि उन्होंने जम्मू जा रही एक बस में एक यात्री से 522 ग्राम हेरोइन जब्त की थी, जिसे 3 सितंबर को सांबा के न्यू बस स्टैंड के पास रोका गया था। अधिकारियों ने बताया कि बस पंजाब से आ रही थी।
लुधियाना पहुंचे अधिकारी
इस जब्ती के बाद जांचकर्ता पंजाब के लुधियाना पहुंचे, जहां अधिकारियों ने 4 सितंबर को एक और ऑपरेशन में 197 ग्राम हेरोइन जब्त करने का दावा किया। अधिकारियों के मुताबिक पुलवामा के काकापोरा से आकिब बशीर को तब गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि वे अब नारकोटिक्स नेटवर्क में दूसरे लोगों को ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं।
यह एक और बड़े एंटी-नारकोटिक्स ऑपरेशन के बाद हुआ है, जिसमें 22 अगस्त को जम्मू शहर के पंजतीर्थी इलाके में एक गाड़ी से 5.160 kg हेरोइन जब्त की गई थी। अधिकारियों का दावा है कि यह कंसाइनमेंट पाकिस्तान से आया था और उरी सेक्टर के रास्ते जम्मू कश्मीर में आया था। उस केस से मिले सुराग से अधिकारी केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख पहुंचे, जहां अधिकारियों ने लेह में बारामूला के तीन लोगों को गिरफ्तार किया।
6.920 किलो हेरोइन जब्त
जांचकर्ताओं का दावा है कि दोनों ऑपरेशन में कुल 6.920 किलो हेरोइन जब्त की गई। NCB के एक प्रवक्ता ने कहा, “NCB ने जम्मू और सांबा बेल्ट में ड्रग्स से प्रभावित ‘बस्तियों’ के अंदर दो अलग-अलग ऑपरेशन भी किए, जिसमें क्रमशः 438 ग्राम और 603 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। NCB की स्ट्रैटेजी ड्रग्स को सोर्स से तय जगह तक तेज़ी से पहुंचाना है, जिसका मकसद पूरी ट्रैफिकिंग चेन की पहचान करना और उसे खत्म करना है। इन नेटवर्क के सोर्स, पाने वालों, फाइनेंसर और दूसरे साथियों की पहचान करने और उनके बड़े इंटरस्टेट और क्रॉस-बॉर्डर लिंकेज का पता लगाने के लिए आगे की जांच चल रही है।”
यह भी पढ़ें: ‘पंजाब की जेलों में बंद 44 फीसदी कैदी नशे के आदी’, भगवंत मान सरकार ने हाई कोर्ट को बताया
पंजाब की जेलों में बंज 44 प्रतिशत से ज्यादा कैदी नशे के आदी हैं। इस बात की जानकारी भगवंत मान सरकार ने मंगलवार को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में दी। राज्य द्वारा दायर की गई स्थिति रिपोर्ट की जांच करने के बाद एक्टिंग चीफ जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस राजेश गौर की पीठ ने पाया कि पंजाब की जेलों में बंद 35,449 कैदियों में से 15,768 कैदी नशीली दवाओं पर निर्भर हैं। यहां पढ़ें पूरी खबर…
