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कोरोना प्रोटोकॉल पर ये है मिसालः दौरे पर आए मंत्री-कलेक्टर को ग्रामीणों ने रोका, “सुरक्षा दीवार” के बाहर से की बात, अचरज में पड़ गए अफसर

गांव के लोगों की तरफ से किए गए व्यवस्था को देखकर मंत्री और कलेक्टर भी काफी खुश थे। उन्होंने अन्य गांव वालों से भी ऐसे नियम लागू करने का आग्रह किया।

इंदौर के ढाबली गांव में कोरोना से बचने के लिए लोगों के द्वारा जनता कर्फ्यू का पालन किया जा रहा है (फोटो- Twitter -@tulsi_silawat)

मध्यप्रदेश के इंदौर का ढ़ाबली गांव अपने आप में एक मिसाल कायम कर रहा है। सांवेर जनपद में स्थित इस गांव के लोगों ने कोविड-19 से बचने के लिए जनता कर्फ्यू लगाकर रखा है। गांव के लोगों की तरफ से इसका पूरे गंभीरता से पालन किया जा रहा है। यहां तक कि मंत्री-कलेक्टर को भी गांव के बाहर ही रोक दिया जा रहा है।

देश के कई हिस्सों से कोरोना संकट के दौर में लोगों की तरफ से लापरवाही की खबरे आते रहती है। लेकिन ढ़ाबली गांव के लोग अलग हैं। वो पूरे अनुशासन के साथ इस महामारी से लड़ रहे हैं। रविवार को ग्रामीणों ने मंत्री तुलसी सिलावट और कलेक्टर मनीष सिंह को गांव में जाने से रोक दिया। मंत्री और कलेक्टर दौरे पर वहां पहुंचे तो अचरज में पड़ गए। उन्हें गांव के अंदर जाने से रोक कर लोगों ने बैरिकेड्स के दूसरी तरफ खड़े होकर उनसे बात की। लोगों ने मंत्री को बताया कि गांव में कोरोना कर्फ्यू का पालन किया जा रहा है।

गांव के लोगों की तरफ से किए गए व्यवस्था को देखकर मंत्री और कलेक्टर भी काफी खुश थे। उन्होंने अन्य गांव वालों से भी ऐसे नियम लागू करने का आग्रह किया। तुलसी सिलावट ने ट्वीट कर लिखा कि सांवेर की जनता के अनुशासन को मेरा सलाम!

बताते चलें कि इंदौर मध्यप्रदेश में कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित शहरों में से एक हैं। कोरोना के पहले लहर में भी इंदौर में लोगों की जान गयी थी। दूसरे लहर के दौरान भी लगातार केस सामने आ रहे हैं। ऐसे में लोगों का ये अनुशासन इस महामारी से लड़ने में उन्हें मदद कर सकता है।

बताते चलें कि राज्य सरकार की तरफ से मध्यप्रदेश में 15 मई तक जनता कर्फ्यू लागू कर दिया गया है। इस दौरान केवल आवश्यक सेवाओं को ही छूट दी गयी है। गौरतलब है कि भारत में हर दिन लगभग 4 लाख नए मामले सामने आ रहे हैं।

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