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अध्ययन और शिक्षण का मुक्ताकाश

भारत जैसे देश में बढ़ती आबादी के अनुसार स्कूल-कॉलेज, विश्वविद्यालय, तकनीकी संस्थान खोल पाना सरकारों के लिए चुनौती बनता गया है। इस दिशा में निजी प्रयासों को बढ़ावा देने के बावजूद सभी को अच्छी शिक्षा सुलभ कराना संभव नहीं हो पा रहा।

Author Updated: January 20, 2021 3:13 AM
educationसांकेतिक फोटो।

इसलिए केंद्र सरकार ने मुक्त शिक्षण परिसरों के प्रसार की तरफ ध्यान केंद्रित किया। लगभग हर राज्य में और अनेक विश्वविद्यालयों में मुक्त शिक्षा के पाठ्यक्रम चलाए जाते हैं। देश में कई मुक्त विश्वविद्यालय भी काम कर रहे हैं।

इसके अलावा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग बहुत पहले से आॅनलाइन पाठ्य सामग्री तैयार करा कर इंटरनेट पर डालता आ रहा है, ताकि विद्यार्थी कक्षा में जाने के बजाय घर बैठे अध्ययन कर सकें। तमाम मुक्तविश्वविद्यालय रेडियो और टेलीविजन पर अपने कार्यक्रम चलाते हैं, जिनके जरिए विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम संबंधी शिक्षण उपलब्ध कराया जाता है।

इस बीच, स्कूली स्तर पर ट्यूशन और कोचिंग के समांतर आॅनलाइन या फिर तैयार पाठों के जरिए विद्यार्थियों की पाठ्यक्रम संबंधी परेशानियों को दूर करने का प्रयास हो रहा है। इस क्षेत्र में कई देसी-विदेशी कंपनियों ने तेजी से अपना जाल फैलाना शुरू कर दिया है। ऐसे में कोरोना काल में शुरू हुई आॅनलाइन शिक्षण पद्धति को कई लोग भविष्य की शिक्षण पद्धति के रूप में देख रहे हैं। ल्ल

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