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पुत्र प्रेम ने गोगोई को हराया? 2011 में जिसे लगाई थी लताड़, वही हेमंत बिस्‍व सर्मा बने BJP की जीत के सूत्रधार

असम विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के नायक रहे सर्वानंद सोनोवाल और हेमंत बिस्‍व सर्मा। सर्मा कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए थे।

हेमंत बिस्‍व सर्मा असम चुनावों से पहले पूरे धूमधड़ाके के साथ भाजपा में शामिल हुए थे। (Photo: PTI)

भाजपा ने असम विधानसभा चुनावों में धमाकेदार जीत दर्ज पूर्वोत्‍तर में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। असम में भाजपा पहली बार सरकार बनाने जा रही है, इससे पहले उसे कभी यहां सफलता नहीं मिली। भाजपा गठबंधन 126 में से 90 सीटों पर जीत दर्ज करने जा रही है। इस जीत के नायक रहे सर्वानंद सोनोवाल और हेमंत बिस्‍व सर्मा। सोनोवाल को भाजपा ने यहां पर अपना सीएम पद का उम्‍मीदवार बनाया। वहीं हेमंत कांग्रेस छोड़कर भाजपा के साथ आए। वे तरुण गोगोई सरकार में मंत्री भी थे। गोगोई से तनातनी के चलते वे भाजपा में शामिल हुए।

वे गोगोई सरकार में स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री थे और तरुण गोगोई के करीबी थे। लेकिन तरुण गोगोई के अपने बेटे गोरव को राजनीति में लाने के मुद्दे पर हेमंत ने कांग्रेस छोड़ दी। हेमंत बिस्‍व शर्मा असम की जालुकबाड़ी सीट से 9000 मतों से विजयी हुए। सर्मा 1985 में हाई स्‍कूल पास करने के बाद कॉटन कॉलेज में आगे की पढ़ाई के लिए आए। 1990 में उन्‍होंने ग्रेजुएशन और 1992 में राजनीति विज्ञान से पीजी किया। वे लॉ ग्रेजुएट भी हैं और गुवाहाटी हाई कोर्ट में प्रेक्टिस भी करते थे। 2001 में वे जालुकवाड़ी से पहली बार विधायक बने। इसके बाद 2006 और 2011 में फिर से चुने गए।

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कांग्रेस उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी का रुख भी हेमंत बिस्‍व सर्मा को पसंद नहीं आया। हेमंत बिस्‍व सर्मा मुख्‍यमंत्री बनने की उम्‍मीद रखते थे। लेकिन तरुण गोगोई ने उन्‍हें 2011 में कहा, ”सपना मत देखो, काम करो।” बताया जाता है कि यह बात उन्‍होंने राहुल गांधी के सामने भी रखी थी लेकिन वहां से भी उन्‍हें निराशा हाथ लगी। इसके बाद उन्‍होंने कांग्रेस छोड़ दी।

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हेमंत बिस्‍व सर्मा पूरे धूमधड़ाके के साथ भाजपा में शामिल हुए थे। उस समय उन्‍होंने कहा था, ” मेरी किस्‍मत में कांग्रेस में 23 साल गुजारने लिखे थे। मैं इसका क्‍या कर सकता हूं। एक कांग्रेसी होने के नाते मुझे भाजपा को गाली भी देनी पड़ी। मैं इसका क्‍या कर सकता हूं। लेकिन अब मैं खुद को भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समर्पित करता हूं।”

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उन्‍होंने अमित शाह की तारीफ करते हुए बताया था, ”अमित शाह हमेशा तैयार रहने वाले अध्‍यक्ष हैं। मैं उनसे किसी भी समय बात कर सकता हूं। राजनीतिक उद्देश्‍यों को समझने में उन्‍हें कभी परेशानी नहीं होती। वे सही सवाल पूछते हैं। जब कोई बात कही जा रही हो या बताई जा रही हो तो वे पूरे ध्‍यान से सुनते हैं। राहुल गांधी के साथ ऐसा नहीं है। जब हम गंभीर मुद्दों पर बात कर रहे थे तो उनका पालतू कुत्‍ता बीच में आ गया। वे ध्‍यान नहीं देते। परेशानियों को समझने में उनकी कोई रूचि नहीं है।”

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bachelor cm,non married chief minister, mamata banerjee, jayalalitha, sarbanand sonwal, election 2016, five state election result, polling result 19 मई के चुनाव नतीजों के मुताबिक जिन पांच राज्‍यों में नई सरकार बननी है, उनमें से तीन (असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु) के सीएम तय हैं। खास बात यह है कि ये तीनों सीएम शादीशुदा नहीं हैं।

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