झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच हेमंत सोरेन सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य कैबिनेट की विशेष बैठक में आउटसोर्स एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) के जरिए कराई गई परीक्षाओं, जारी किए गए रिजल्ट और चयनित अभ्यर्थियों से जुड़ी पूरी प्रक्रिया को रद्द करने का निर्णय लिया गया है। इसमें JSSC-CGL परीक्षा भी शामिल है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि TDPL की ओर से आयोजित परीक्षाओं, प्रकाशित परिणामों, चयनित अभ्यर्थियों और उसकी ओर से की गई अन्य गतिविधियों को रद्द किया जाता है। सरकार के इस फैसले के बाद भर्ती परीक्षाओं को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों ने राहत की सांस ली है।
TDPL की परीक्षाएं और नियुक्तियां रद्द
कैबिनेट की विशेष बैठक के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार ने पूरे मामले के सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद यह फैसला लिया है। उन्होंने कहा, “आज इस विषय को पटाक्षेप करने के लिए हम लोगों ने कैबिनेट की विशेष बैठक की।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “इस बैठक में सभी चीजों का ध्यान में रखते हुए हम लोगों ने निर्णय लिया है कि TDPL के माध्यम से 2014 से अब तक कराई गई सभी परीक्षाएं, जारी किए गए रिजल्ट और चुने गए अभ्यर्थी या शामिल हुए या TDPL की ओर से जितने भी गतिविधियां यहां हुई हैं, उन सभी को रद्द किया जाता है।”
इस फैसले के बाद TDPL के माध्यम से आयोजित परीक्षाओं, उनके परिणाम और चयन प्रक्रिया पर रोक लग गई है। सरकार के इस कदम को भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग कर रहे अभ्यर्थियों के आंदोलन के बीच महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है।
JSSC-CGL भी किया गया रद्द
हेमंत सोरेन ने कैबिनेट के एक अन्य फैसले की जानकारी देते हुए कहा, “आज कैबिनेट ने JSSC-CGL को भी रद्द करने का निर्णय लिया।” JSSC-CGL परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों में लंबे समय से नाराजगी थी। परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों के बीच सरकार के इस फैसले के बाद आंदोलन कर रहे छात्रों में खुशी देखने को मिली। JPSC-JSSC अभ्यर्थी फैसले के बाद भावुक नजर आए और इसे अपनी मांगों की बड़ी जीत बताया।
2014 से अब तक की सभी गड़बड़ियों की जांच
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच का दायरा केवल हाल की परीक्षाओं तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से अब तक हुई सभी छोटी-बड़ी गलतियों और अनियमितताओं की जांच की जाएगी। हेमंत सोरेन ने कहा, “2014 से अब तक जितनी भी छोटी-बड़ी गलतियां हुई हैं, जिससे भी हुई हैं, सभी की जांच होगी।”
इस बयान के बाद भर्ती परीक्षाओं की पुरानी प्रक्रियाएं भी जांच के दायरे में आ सकती हैं। सरकार का कहना है कि जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि परीक्षाओं और नियुक्तियों की प्रक्रिया में कहां और किस स्तर पर गड़बड़ियां हुईं।
परीक्षा सुधार समिति का होगा गठन
सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए एक परीक्षा सुधार समिति गठित करने का भी फैसला किया है। इस समिति की अध्यक्षता वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल करेंगे। समिति भर्ती परीक्षाओं की मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा करेगी और भविष्य में परीक्षाओं को पारदर्शी एवं व्यवस्थित तरीके से आयोजित करने के लिए सुझाव देगी।
अब रद्द की गई परीक्षाओं और नियुक्तियों के स्थान पर नई प्रक्रिया कैसे शुरू होगी, इस पर अभ्यर्थियों की नजर है। सरकार के सामने प्रभावित उम्मीदवारों के हितों को ध्यान में रखते हुए आगे की भर्ती प्रक्रिया तय करने की चुनौती होगी।
छात्रों की मांगों के बाद सरकार का बड़ा कदम
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे थे। उनकी प्रमुख मांगों में परीक्षाओं और नियुक्तियों में कथित गड़बड़ियों की जांच, विवादित भर्ती प्रक्रियाओं को रद्द करना और नए सिरे से निष्पक्ष प्रक्रिया शुरू करना शामिल था। सरकार के ताजा फैसले के बाद प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने राहत की सांस ली है।
छात्रों की प्रमुख मांग थी CBI जांच
हालांकि, कुछ विपक्षी नेताओं ने पूरे मामले की CBI जांच की मांग भी दोहराई है। बीजेपी प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा कि छात्रों की मुख्य मांग CBI जांच कराने की है। उन्होंने दावा किया कि अब तक हुई भर्तियों को रद्द कर भर्ती प्रक्रिया नए सिरे से शुरू करने की भी मांग की जा रही है।
आरपी सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार CBI जांच कराने से बच रही है, क्योंकि ऐसी जांच होने पर मामला और गहराई तक जा सकता है और कई लोगों की भूमिका सामने आ सकती है। यह बीजेपी की ओर से लगाया गया राजनीतिक आरोप है।
सरकार के फैसले के बाद अभ्यर्थियों में खुशी
राज्य सरकार के फैसले के बाद रांची में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों ने खुशी जाहिर की। कई छात्र भावुक नजर आए और उन्होंने सरकार के निर्णय को आंदोलन की बड़ी सफलता बताया। JSSC-CGL समेत TDPL से जुड़ी परीक्षाओं को रद्द किए जाने के बाद अब अभ्यर्थियों की नजर इस बात पर है कि नई परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया कब शुरू होती है।
MMDR एक्ट में बदलाव पर भी चर्चा
कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार की ओर से MMDR एक्ट में किए गए बदलाव का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, “बहुत जल्द केंद्र सरकार के द्वारा जो MMDR एक्ट में जो बदलाव किया गया है, उस संदर्भ में भी हम लोग चर्चा के लिए एकत्रित होंगे।” उन्होंने आगे कहा, “हो सकता है इस विषय पर, MMDR एक्ट संशोधन पर हमें विशेष सत्र भी बुलाना पड़े, तो हम लोग बुलाएंगे।”
इस तरह झारखंड सरकार ने भर्ती परीक्षाओं को लेकर एक साथ कई बड़े फैसले किए हैं। JSSC-CGL समेत TDPL से जुड़ी परीक्षाओं, परिणामों और नियुक्तियों को रद्द करने के साथ 2014 से अब तक की गड़बड़ियों की जांच का ऐलान किया गया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच किस तरह आगे बढ़ती है और रद्द की गई भर्ती प्रक्रियाओं को सरकार नए सिरे से कब शुरू करती है।
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