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मुगलों से हमारा कोई रिश्ता नहीं, यही सच्चाई है- स्वीकार कर इस्लामिक स्कॉलर ने बाबरी मस्जिद पर पूछ दिया बड़ा सवाल, भड़के संगीत रागी

इस्लामिक स्कॉलर ने डिबेट में सवाल किया कि अगर मुगल आक्रांता थे और उन्होंने मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाई, तो जब हिंदूओं ने बाबरी मस्जिद को तोड़ दिया, तो क्या उसको आक्रांता नहीं कहेंगे? इस सवाल पर राजनीतिक विशलेषक संगीत रागी भड़क गए।

Babri Masjid|Gyanvapi Mosque|Asaduddin Owaisi
अयोध्या स्थित बाबरी मस्जिद (Express Archive)

देश में चल रहे ज्ञानवापी मस्जिद-मंदिर विवाद के बीच इस्लामिक स्कॉलर मौलाना साजिद राशीदी ने कहा कि मुसलमानों का मुगलों से कोई रिश्ता नहीं है और यही सच्चाई है। साथ ही, उन्होंने बाबरी मस्जिद को लेकर भी सवाल पूछा, जिस पर राजनीतिक विशलेषक संगीत रागी भड़क गए।

एक टीवी डिबेट के दौरान एंकर ने इस्लामिक स्कॉलर से सवाल किया कि हिंदू पक्ष का दावा है कि मुसलमान कहते हैं कि उनका मुगलों से कोई रिश्ता नहीं, लेकिन जब किसी स्मारक को लेकर बहस हो तो उस मस्जिद के पक्ष में चले जाना, जो मुगलों ने ही बनाई है, वो क्या है? इस पर राशीदी ने कहा, “हमारा मुगलों से कोई रिश्ता नहीं। इसमें कोई दो राय नहीं। दूसरी बात अगर मुगल आक्रांता थे और उन्होंने मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाई, तो जब इन्होंने (हिंदू) दिन-दहाड़े बाबरी मस्जिद को तोड़ दिया, तो क्या उसको आक्रांता नहीं कहेंगे?

इस पर संगीत रागी भड़क गए और कहा, “बिल्कुल नहीं क्योंकि वो हमारी जमीन थी। वो हमारे मंदिर थे, जिसे तोड़ा गया। ये 1947 के बाद ही हो जाना चाहिए था। जितनी मस्जिदों को हिंदू मंदिरों को तोड़कर खड़ा किया गया, कायदे से मुस्लिम समाज को खुद ही आगे बढ़कर दे देना चाहिए था। आप हमें आक्रांता कैसे कह सकते हैं?”

गौरतलब है कि वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद-मंदिर का मुद्दा अब मुगलों की रानियों तक पहुंच गया है। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस मामले में बड़ा बयान देकर सियासत को और गरमा दिया है। उन्होंने कहा कि भारत के मुसलमानों का मुगलों से कोई रिश्ता नहीं है, लेकिन ये बताओ कि मुगल बादशाहों की बीवियां कौन थीं। उनके इस बयान पर हिंदू तो भड़क ही गए हैं, साथ ही, मुस्लिम धर्मगुरुओं ने भी नाराजगी जताई है।

बता दें कि ज्ञानवापी मस्जिद मामले में वाराणसी जिला अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अगली तारीख दे दी है। अब 26 मई को कोर्ट इस मामले में सुनवाई करेगा। जानकारी के मुताबिक, कोर्ट मुस्लिम पक्ष की मांग पर पहले सुनवाई करेगा। इसके अलावा, कोर्ट ने दोनों पक्षों को यह भी कहा कि अगर किसी भी पक्ष को सर्वे आयोग की रिपोर्ट को लेकर कोई आपत्ति है तो वे अगली सुनवाई से पहल अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। वहीं, मंगलवार (24 मई, 2022) को सुनवाई के दौरान हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने वाराणसी जिला न्यायालय में एक अभियोग आवेदन दिया। इसमें कहा गया कि ज्ञानवापी मस्जिद को किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट कर दिया जाए और मस्जिद परिसर भगवान शिव के भक्तों को पूजा के लिए दे दिया जाए।

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