किसानों के मुद्दे पर कांग्रेस ने मोदी सरकार को घेरा तो तैश में आए बीजेपी नेता, दिलाने लगे एमपी के गोलीकांड की याद

टीवी डिबेट में भाजपा प्रवक्ता राज कुमार चाहर कांग्रेस प्रवक्ता अभय दुबे से कहने लगे कि आपको अन्नदाता के बारे में बोलने का हक़ नहीं है। मध्यप्रदेश में दिग्विजय सिंह की सरकार में किसानों पर गोलियां चलाई गई थी जिसमें 24 किसान मारे गए थे।

सोमवार को किसान आंदोलन के 10 महीने पूरे होने पर बुलाए गए भारत बंद के दौरान प्रदर्शनकारी किसानों सड़क और रेलवे ट्रैक जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। (फोटो: पीटीआई)

बीते 10 महीने से दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का आंदोलन जारी है। प्रदर्शनकारी किसान केंद्र सरकार द्वारा पारित किए गए तीनों कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। सोमवार को किसान आंदोलन के 10 महीने पूरे होने भारत बंद का आयोजन किया गया। इस दौरान देश के अलग अलग हिस्सों में किसानों ने सड़क और रेलवे ट्रैक जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। किसानों से जुड़े मुद्दे पर टीवी डिबेट के दौरान जब कांग्रेस प्रवक्ता ने मोदी सरकार को घेरा तो डिबेट में ही मौजूद रहे भाजपा प्रवक्ता तैश में आ गए और मध्यप्रदेश में कांग्रेस शासनकाल के दौरान हुए गोलीकांड की याद दिलाने लगे।

आजतक न्यूज चैनल पर आयोजित टीवी डिबेट के दौरान एंकर चित्रा त्रिपाठी के सवाल पर जवाब देते हुए कांग्रेस प्रवक्ता अभय दुबे ने कहा कि पूंजीपतियों के पैसे से पेट भरने वाली मोदी सरकार को भले ही फर्क नहीं पड़ता होगा लेकिन अन्नदाता किसान का उपजाया अन्न जो खाता है वो इस आंदोलन का हिस्सा है। कांग्रेस प्रवक्ता के इतना कहते ही डिबेट में मौजूद रहे भाजपा प्रवक्ता राजकुमार चाहर तैश में आ गए। 

भाजपा प्रवक्ता राज कुमार चाहर कांग्रेस प्रवक्ता अभय दुबे से कहने लगे कि आपको अन्नदाता के बारे में बोलने का हक़ नहीं है। मध्यप्रदेश में दिग्विजय सिंह की सरकार में किसानों पर गोलियां चलाई गई थी जिसमें 24 किसान मारे गए थे। ये लोग चाहते हैं कि देश के अंदर अराजकता हो, किसानों के ऊपर लाठीचार्ज हो, इनकी मंशा ख़राब है। इनकी नीयत ख़राब है। कांग्रेस को तो बोलने का हक़ नहीं है।

इसके बाद एंकर के बीच बचाव करने पर कांग्रेस प्रवक्ता अभय दुबे ने दोबारा से बोलना शुरू किया। अभय दुबे ने कहा कि मोदी सरकार ने किसानों को मज़बूरी में मजदूर बनने के लिए मजबूर कर दिया। साथ ही उन्होंने भाजपा सांसद वरुण गांधी के द्वारा लिखे गए पत्र का समर्थन करते हुए कहा कि किसानों को सालाना 6 हजार की जगह 12 हजार मिलना चाहिए और गन्ने का मूल्य का मूल्य कम से कम 400 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया जाना चाहिए।         

सोमवार को बुलाए गए भारत बंद का व्यापक प्रभाव देखने को मिला। पंजाब, हरियाणा, यूपी, बिहार और कर्नाटक समेत कई राज्यों में किसानों ने सड़क और रेलवे ट्रैक जामकर प्रदर्शन किया। भारत बंद की वजह से कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया। कई विपक्षी दलों ने भी इस बंद का समर्थन किया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी ट्वीट करते हुए लिखा कि किसानों का अहिंसक सत्याग्रह आज भी अखंड है, लेकिन शोषण-कार सरकार को ये नहीं पसंद है. इसलिए आज भारत बंद है। सपा नेता अखिलेश यादव ने भी ट्वीट करते हुए लिखा कि संयुक्त किसान मोर्चा के ‘भारत बंद’ को सपा का पूर्ण समर्थन है। देश के अन्नदाता का मान न करनेवाली दंभी भाजपा सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार खो चुकी है। किसान आंदोलन भाजपा के अंदर टूट का कारण बनने लगा है। 

पढें राष्ट्रीय समाचार (National News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

अपडेट