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Coronavirus: दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामले, कम जांच का स्तर चिंताजनक. केंद्रीय मंत्री बोले-कड़ाई से हो नियमों का पालन

दिल्ली में प्रति दस लाख आबादी पर जांच नमूनों की औसत संख्या 2018 है, वहीं उत्तर पूर्व तथा दक्षिण पूर्व दिल्ली जैसे कुछ जिलों में यह बहुत कम है और क्रमश: औसतन 517 नमूने और 506 नमूने प्रति दस लाख आबादी है।

Author नई दिल्ली | June 4, 2020 8:45 PM
Union Health Minister Dr Harsh Vardhanकेंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्ष वर्धन। (ANI)

राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 संक्रमण और उससे मृत्यु के बढ़ते मामलों के मद्देनजर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने बृहस्पतिवार को जांच बढ़ाने, सघन निगरानी रखने, संपर्कों का पता लगाने तथा निषिद्ध क्षेत्रों में कड़ाई से नियमों का पालन करने पर जोर दिया।

हर्षवर्धन ने दिल्ली में नोवेल कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण की तैयारियों की समीक्षा के लिए बृहस्पतिवार को वीडियो-कॉन्फ्रेंस के जरिये उच्च स्तरीय बैठक की और राष्ट्रीय राजधानी के सभी जिलों में कोविड-19 की उच्च संक्रमण दर और अनेक जिलों में कम जांच स्तर पर चिंता प्रकट की।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे तक कोविड-19 से मौत के 606 और संक्रमण के 23,645 मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के एक बयान में हर्षवर्धन के हवाले से कहा गया, ‘‘अनेक जिलों में बढ़ते मामले, संक्रमण की अधिक पुष्टि दर और कम जांच स्तर चिंताजनक हैं।’’

दिल्ली में प्रति दस लाख आबादी पर जांच नमूनों की औसत संख्या 2018 है, वहीं उत्तर पूर्व तथा दक्षिण पूर्व दिल्ली जैसे कुछ जिलों में यह बहुत कम है और क्रमश: औसतन 517 नमूने और 506 नमूने प्रति दस लाख आबादी है। हर्षवर्धन ने एक बयान में कहा कि दिल्ली में पिछले सप्ताह संक्रमण की पुष्टि दर 25.7 प्रतिशत थी, वहीं अनेक जिलों में यह आंकड़ा 38 प्रतिशत से ऊपर है।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों में संक्रमण की उच्च दर भी चिंता का विषय है। उन्होंने कहा, ‘‘यह दिखाता है कि स्वास्थ्य केंद्रों में संक्रमण रोकथाम और नियंत्रण चिंताजनक है और इस पर प्राथमिकता से ध्यान देने की जरूरत है।’’ हर्षवर्धन ने स्वास्थ्य ढांचा मजबूत करने के साथ ही जांच क्षमता बढ़ाने के महत्व और इसकी तत्काल जरूरत पर जोर दिया।

उन्होंने मामलों के प्रभावी तरीके से प्रबंधन तथा मृत्युदर कम करने के लिए कोविड-19 के बेहतर क्लीनिकल प्रबंधन की भी आवश्यकता बताई। बैठक में दिल्ली के उप राज्यपाल अनिल बैजल और स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने भी भाग लिया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने संक्रमण के तेजी से बढ़ते मामलों को देखते हुए बिस्तरों की उपलब्धता बढ़ाने पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा कि रोगियों को भर्ती करने में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। हर्षवर्धन ने कहा, ‘‘यह सामूहिक लड़ाई है और हम यहां दिल्ली के प्रयासों का समर्थन करने के लिए हैं।’’ बैठक में जिला मजिस्ट्रेटों और नगर निगमों के अधिकारियों ने अपने अपने क्षेत्रों में संक्रमण की रोकथाम के लिए उठाये जा रहे कदमों की जानकारी दी।

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