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G D Agarwal death: गंगा सफाई अभियान से जुड़ेंगे राहुल गांधी! बोले- जीडी अग्रवाल की लड़ाई को आगे ले जाएंगे

राहुल गांधी ने कहा- गंगा को बचाने के लिए उन्होंने स्वयं को मिटा दिया। उन्होंने कहा, 'हिंदुस्तान को गंगा जैसी नदियों ने बनाया है। गंगा को बचाना वास्तव में देश को बचाना है।

Author He Sacrificed His Life For Ganga: Rahul Gandhi On GD Agarwal's Death | Updated: October 12, 2018 11:40 AM
जीडी अग्रवाल की मौत के बाद गंगा अभियान में शामिल होंगे राहुल गांधी

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गंगा की सफाई और संरक्षण के लिए लंबे समय तक संघर्ष करने वाले पर्यावरणविद जीडी अग्रवाल के निधन पर दुख जताते हुए शुक्रवार को कहा कि ‘”हम उनकी लड़ाई को आगे ले जाएंगे।’ गांधी ने ट्वीट कर कहा, ”माँ गंगा के सच्चे बेटे प्रोफेसर जीडी अग्रवाल नहीं रहे। गंगा को बचाने के लिए उन्होंने स्वयं को मिटा दिया। उन्होंने कहा, ‘हिंदुस्तान को गंगा जैसी नदियों ने बनाया है। गंगा को बचाना वास्तव में देश को बचाना है। हम उनको कभी नहीं भूलेंगे। हम उनकी लड़ाई को आगे ले जाएँगे।’लंबे समय से गंगा की स्वच्छता और संरक्षण की मांग कर रहे पर्यावरणविद जीडी अग्रवाल का बृहस्पतिवार को निधन हो गया। उन्­हें स्वामी सानंद के नाम से जाना जाता था।

गौरतलब है कि बीते दिन बुधवार को गंगा नदी निर्मल और अविरल हो, प्रदूषण मुक्त किया जाए, गंगा की रक्षा का कानून बने, बांधों का निर्माण बंद हो, इन मांगों को लेकर गंगा नदी के तट पर हरिद्वार में 112 दिन से अनशन पर थे और उन्होंने नौ अक्टूबर से जल का भी त्याग कर दिया था। प्रो. जी.डी. अग्रवाल उर्फ स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद के निधन से मध्यप्रदेश का हर वर्ग दुखी और व्यथित है। राजनेताओं से लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं तक ने स्वामी सानंद के निधन को बड़ी क्षति करार दिया है। एकता परिषद के संस्थापक डॉ. पी.वी. राजगोपाल ने डॉ. अग्रवाल के निधन को समाज की बड़ी क्षति करार देते हुए कहा कि लोकनायक जयप्रकाश के जन्म दिवस पर डॉ. अग्रवाल दुनिया से विदा हुए हैं। जयप्रकाश ने सत्ता को जनता की ताकत का अहसास करा दिया था।

उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने को गंगा का बेटा बताया था, मगर बीते चार साल में गंगा के लिए कुछ नहीं हुआ। योजना बनी, नमामि गंगे नाम दिया गया, मगर धरातल पर कोई काम नहीं किया गया। डॉ. अग्रवाल ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखे, उन्हें उनके वादे याद दिलाए, मगर ध्यान नहीं दिया गया। आखिरकार स्वामी ने अपने प्राण की आहुति दे दी।

‘जल जन जोड़ो’ अभियान की ओर से जारी विज्ञप्ति में स्वामी सानंद के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया गया है। इस अभियान से जुड़े कई कार्यकर्ता हरिद्वार पहुंच रहे हैं।
जलपुरुष राजेंद्र सिंह ने डॉ. अग्रवाल के निधन पर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, “अग्रवाल की मांग सिर्फ गंगा नदी की खातिर थी। वही गंगा, जिसने प्रधानमंत्री को बुलाया था, ऐसा वे स्वयं कहते रहे हैं। आज गंगा का वास्तविक लाडला, हमारे बीच से चला गया।

भाषा के इनपुट के साथ।

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