अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी टीवीके ने दशकों से तमिलनाडु पर शासन करने वाली राजनीतिक पार्टियों एआईएडीएमके और डीएमके दोनों को पीछे छोड़कर सभी को चौंका दिया है। तमिलनाडु चुनाव के वोटों की गिनती जारी होने के बीच ही विजय के घर में जश्न का माहौल बन चुका है। उनके माता-पिता ने भी खुशी जाहिर की है।
अभिनेता विजय के पिता एस.ए. चंद्रशेखर ने कहा, “पिछले 30 सालों से वे समाज के लिए, तमिल जनता के लिए कुछ करने की सोच रहे थे। यह बात उनके मन में थी। धीरे-धीरे उन्होंने इन विचारों को साकार किया। आज वे तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। तमिल जनता उन्हें न केवल एक नेता के रूप में प्यार करती है, बल्कि हर महिला उन्हें अपना बेटा मानती है। युवा उन्हें अपना भाई मानते हैं। हर कोई उन्हें अन्ना कहकर पुकारता है। अन्ना का अर्थ है भाई। बुजुर्ग महिलाएं उन्हें अपना बेटा मानती हैं। कुछ 60 साल की महिलाएं तो उन्हें अपना पोता मानती हैं। उन्होंने जनता और अपने बीच ऐसा रिश्ता विकसित किया है।”
टीवीके प्रमुख की मां ने जाहिर की खुशी
टीवीके प्रमुख विजय की मां शोभा चंद्रशेखर ने कहा, “मैं बहुत खुश हूं।”उनके पिता, एसए चंद्रशेखर ने कहा, “वह सिर्फ उनकी मां ही नहीं हैं। वह विजय की सबसे बड़ी प्रशंसक हैं। वह बहुत खुश हैं।”
अभिनेता विजय की चचेरी बहन ने भी खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा, “वे एक युवा और ऊर्जावान व्यक्ति हैं और तमिलनाडु में हर कोई उनसे सबसे बड़े बदलाव की उम्मीद कर रहा है और निश्चित रूप से हमें विश्वास है कि वे सभी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकते हैं। अपने अंतिम भाषण में उन्होंने कहा कि लोग मुझ पर बहुत भरोसा करते हैं। चुनाव से पहले उन्होंने जो कुछ भी कहा है, वे उसे पूरा करके ही रहेंगे। यह एक बहुत बड़ी जीत है।”
बता दें कि दो साल पुरानी एक्टर विजय की पार्टी टीवीके नंबर वन हो गई है। टीवीके कुल 234 सीटों में से 109 सीटों पर आगे चल रही है। सत्ताधारी डीएमके महज 58 सीटों पर बढ़त हासिल कर सकी है। तमिलनाडु के CM स्टालिन अपनी सीट कोलाथुर से पिछड़ गए हैं। वहीं, AIADMK 69 सीटों पर बढ़त के साथ दूसरे नंबर पर है।
सिनेमा से सियासत तक विजय का सफर बदलेगा तमिलनाडु की तस्वीर?
तमिलनाडु अपने राजनेताओं और फिल्मी सितारों को समान रूप से प्यार और सम्मान देता है। इसका प्रमाण फिल्मी सितारों को नेता चुनने के उसके लंबे और गौरवशाली इतिहास से मिलता है। डीएमके से अलग हुए एमजीआर और उनकी शिष्या जय जयललिता, दोनों ही फिल्मी सितारे थे जो मुख्यमंत्री बने। डीएमके के संस्थापक सीएन अन्नादुरई एक पटकथा लेखक थे। एम करुणानिधि एक और प्रमुख कवि और पटकथा लेखक के रूप में उभरे। ये दोनों भी कई बार मुख्यमंत्री बने और राजनीतिक रूप से बेहद सफल रहे। पढ़ें पूरी खबर…
