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उच्च न्यायालय ने नर्सरी दाखिलों में प्वाइंट सिस्टम किया रद्द

उपराज्यपाल द्वारा गैर सहायता प्राप्त निजी स्कूलों के लिए लाए गए प्वाइंट सिस्टम को आज दिल्ली उच्च न्यायालय ने रद्द कर दिया और कहा कि सरकार का फैसला ‘‘न तो प्रक्रियागत लिहाज से उचित है और न ही तर्कसंगत है ।’’ न्यायमूर्ति मनमोहन ने कहा कि गैर सहायताप्राप्त निजी स्कूलों को ‘‘छात्रों को प्रवेश देने […]

Author November 28, 2014 3:03 PM
बच्चों के लिए पास के स्कूल में जाने का विकल्प होना चाहिए, लेकिन उनकी पसंद को उनके क्षेत्र के किसी एक स्कूल तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए: उच्च न्यायालय (एक्सप्रेस फोटो)

उपराज्यपाल द्वारा गैर सहायता प्राप्त निजी स्कूलों के लिए लाए गए प्वाइंट सिस्टम को आज दिल्ली उच्च न्यायालय ने रद्द कर दिया और कहा कि सरकार का फैसला ‘‘न तो प्रक्रियागत लिहाज से उचित है और न ही तर्कसंगत है ।’’

न्यायमूर्ति मनमोहन ने कहा कि गैर सहायताप्राप्त निजी स्कूलों को ‘‘छात्रों को प्रवेश देने के अधिकार सहित दिन प्रतिदिन के प्रशासन में अधिकतम स्वायत्तता का बुनियादी अधिकार है ।’’

अदालत ने यह भी कहा कि ‘‘बच्चों के लिए पास के स्कूल में जाने का विकल्प होना चाहिए, लेकिन उनकी पसंद को उनके क्षेत्र के किसी एक स्कूल तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए ।’’

न्यायमूर्ति मनमोहन ने 69 पन्नों के अपने फैसले में कहा कि अदालत यह नहीं चाहती कि आवास से स्कूल की दूरी के आधार पर छात्र का शैक्षिक भविष्य तय हो ।

अदालत का यह भी मत था कि ‘‘पास की अवधारणा को गैर सहायता प्राप्त निजी स्कूलों ने गांगुली समिति की रिपोर्ट में दिए गए दिशा निर्देशों के संदर्भ में तथा 2007 के पूर्व के दाखिला आदेश के तहत दोनों संदर्भों में बेहतर ढंग से लिया था ।’’

 

 

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