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हाथरस में बड़ी साजिश के तहत हिंसा भड़काने जा रहे थे PFI के चारों सदस्य, यूपी पुलिस की FIR में दावा

कुलदीप ने 29 सितम्बर को घोषित किया था कि वह कोविड-19 से संक्रमित हो गये हैं, इसके बावजूद पृथक-वास के नियमों को तोड़ते हुए वह पीड़ित परिवार से मुलाकात करने के लिये हाथरस गये।

PFI, hathrasमथुरा पुलिस ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से जुड़े चार लोगों को गिरफ्तार किया है।

मथुरा से गिरफ्तार किए गए पीएफआई के चार सदस्यों को लेकर पुलिस ने एफआईआर में दावा किया है कि यह लोग  हाथरस में बड़ी हिंसा की साजिश रच रहे थे। घटना को अंजाम देने से पहले पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने जो एफआईआर दर्ज  की है उसमें इस बा की जिक्र किया गया है कि ये लोग हाथरस में शांति भंग करने जा रहे थे।

अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्‍यवस्‍था) प्रशांत कुमार ने मंगलवार को बताया कि इन युवकों से प्रारंभिक पूछताछ में मिली जानकारी और इनसे जुड़े सभी मामलों की पड़ताल कराई जा रही है। मथुरा में सोमवार को पकड़े गये पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से जुड़े चार सदस्‍यों में एक भारत-नेपाल सीमा पर स्थित उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले का रहने वाला है।

बहराइच के अपर पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानन्जय सिंह ने बताया कि मथुरा में पकड़े गये चार युवकों में से एक मसूद अहमद पुत्र शकील अहमद बहराइच जिले के जरवल रोड इलाके का निवासी है।

उधर, हाथरस कांड के पीड़ित परिवार से मुलाकात करने गये आम आदमी पार्टी (आप) के प्रतिनिधिमंडल में कोविड-19 संक्रमित होने के बावजूद शामिल होने के आरोप में पार्टी विधायक कुलदीप कुमार के खिलाफ बुधवार को मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि आप विधायक कुलदीप कुमार के खिलाफ महामारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

कुलदीप ने 29 सितम्बर को घोषित किया था कि वह कोविड-19 से संक्रमित हो गये हैं, इसके बावजूद पृथक-वास के नियमों को तोड़ते हुए वह पीड़ित परिवार से मुलाकात करने के लिये हाथरस गये। उन्होंने बताया कि विधायक ने गत चार अक्टूबर को सोशल मीडिया पर अपनी इस यात्रा के वीडियो पोस्ट किये थे। इस दौरान उनके साथ कई लोग नजर आ रहे हैं।

वहीं, इस मामले पर कुलदीप कुमार का कहना है कि उन्होंने चार अक्टूबर को जांच कराई थी जिसमें उनका रिजल्ट नेगेटिव रहा था जिसके बाद उन्होंने हाथरस का दौरा किया था। कोविड-19  प्रोटोकॉल ना फॉलो करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्हें ICMR की गाइडलाइंस का पता नहीं था। उन्हें लगा की रिपोर्ट नेगेटिव होने के साथ ही वह आ जा सकते हैं।

गौरतलब है कि हाथरस में गत 14 सितम्बर को कथित रूप से सामूहिक बलात्कार के बाद तबीयत बिगड़ने से 19 साल की एक दलित लड़की की मौत हो गयी थी। विपक्ष इस मुद्दे पर राज्य की भाजपा सरकार को लगातार घेरने की कोशिश कर रहा है। आप समेत अनेक विपक्षी पार्टियों के नेता इस मामले को लेकर पीड़ित परिवार से मुलाकात कर चुके हैं।

(भाषा इनपुट्स के साथ)

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