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गालों में हंसी भर कर रहे टीवी पर रेप पीड़िता की चर्चा, दलित चिंतक ने संबित पात्रा समेत अन्य पैनलिस्ट पर उठाए सवाल

डिबेट में मौजूद दलित चिंतक सतीश प्रकाश ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि डिबेट में मौजूद पैनलिस्ट गालों में हंसी भरकर रेप पीड़िता की चर्चा कर रहे हैं।

hathras case balrampur case uttar pradeshहाथरस में अभी भी भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

उत्तर प्रदेश के हाथरस की घटना लगातार चर्चाओं में बनी हुई है। जहां पहले गैंगरेप की चर्चा हो रही थी जो बाद में जातीय हिंसा की साजिश पर केन्द्रीत हो गई और अब मीडिया की डिबेट में इस बात पर चर्चा हो रही है कि राजनैतिक पार्टियां रेप और हिंसा की घटनाओं पर सलेक्टिव रुख क्यों अपना रही हैं?

न्यूज 18 इंडिया चैनल पर भी इसी मुद्दे पर डिबेट कार्यक्रम हुआ। डिबेट में मौजूद दलित चिंतक सतीश प्रकाश ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि डिबेट में मौजूद पैनलिस्ट गालों में हंसी भरकर रेप पीड़िता की चर्चा कर रहे हैं। सतीश प्रकाश ने देश में दलितों की स्थिति पर भी चिंता जाहिर की।

इस दौरान एंकर ने सवाल उठाया कि बंगाल में हुआ बवाल और एक सिख के साथ हुई घटना या फिर बलरामपुर की घटना मुद्दा क्यों नहीं है जबकि हाथरस की घटना मुद्दा क्यों बन जाती है? इस दौरान टीएमसी की तरफ से दिनेश बजाज और भाजपा की तरफ से संबित पात्रा बतौर पैनलिस्ट मौजूद थे।

डिबेट के दौरान जब पश्चिम बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं के कार्यक्रम पर पुलिस की सख्त कार्रवाई पर चर्चा हुई तो टीएमसी के दिनेश बजाज ने अपनी पार्टी का बचाव किया।

बता दें कि बीते दिनों भाजपा कार्यकर्ताओं के एक कार्यक्रम में पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया था। इस दौरान एक सिख युवक के खिलाफ भी पुलिस ने बर्बरता की। जिसे लेकर काफी हंगामा हुआ। जब डिबेट में संबित पात्रा ने सवाल उठाया कि बीती 3 अक्टूबर को ममता बनर्जी ने भी कोरोना माहमारी के बीच कोलकाता की सड़कों पर एक रैली निकाली थी। लेकिन उनके खिलाफ पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।

बता दें कि डिबेट के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के हाथरस दौरे पर भी सवाल उठाए गए। हाथरस में बीती 14 सितंबर को एक दलित युवती के साथ गैंगरेप की घटना हुई थी। घटना के कुछ दिन बाद पीड़िता ने दिल्ली के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया था।

पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने पीड़िता के शव का बिना उनकी मंजूरी के अंतिम संस्कार कर दिया। इसके बाद यह मामला पूरे देश के मीडिया में छा गया था और योगी सरकार आलोचकों के निशाने पर आ गई थी। बाद में सरकार ने दावा किया कि हाथरस में जातीय हिंसा भड़काने की साजिश रची रही थी। फिलहाल सीबीआई हाथरस मामले की जांच कर रही है।

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