मनुस्मृति को लेकर राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयान पर शिवसेना शिंदे गुट की नेता शाइना एनसी ने प्रतिक्रिया दी है। शाइना एनसी ने कहा कि राहुल गांधी को सिर्फ हिंदू ग्रंथों में ही बुराई दिखाई देती है। उन्होंने सवाल किया कि क्या राहुल गांधी ने कभी शरिया, हलाला, ट्रिपल तलाक के ऊपर उन्होंने खुलकर कुछ बोला है?
शाइना एनसी ने आगे कहा कि बाला साहेब ठाकरे और एकनाथ शिंदे ने हमेशा माना है कि हिंदुत्व की सच्चाई सेक्युलरिज्म है। उन्होंने आगे कहा, “जो लोग मनुस्मृति को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत करते हैं, मैं पूछना चाहती हूं राहुल गांधी जी को कि महिला की जितनी चिंता है, तो यूसीसी को सपोर्ट करें, आप चाइल्ड मैरिज को बंद करवाएं, पॉलीगैमी पर कानून लाएं, ये सब चीजों पर चुप्पी और बेमतलब ज्ञान देना।”
योगी भी बरसे
सोमवार को रायबरेली में राहुल गांधी का नाम लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “आप मनुस्मृति को मानिए या न मानिए, लेकिन गलत तथ्य न कहिए। आप बेटियों से कहते हैं कि मनुस्मृति से बाहर निकलिए। अथर्ववेद, शतपथ ब्राह्मण, महाभारत, मत्स्य पुराण जिसकी महिमा का गान करता हो, उस मनु को क्यों अपमानित कर रहे हैं।”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा,”हर सनातनी जिस काल गणना को मानता है, उसे आपके नाना, परनाना, दादी ने नहीं, बल्कि मनु ने दिया है। इसका पालन करके ही सनातनी त्योहारों को मानता है।”
हिमंता बिस्व सरमा बोले – राहुल गांधी महिला अधिकारों के पैरोकार नहीं, बल्कि हिंदू विरोधी
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने भी सोमवार को राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी महिला अधिकारों के पैरोकार नहीं, बल्कि ”सिर्फ एक हिंदू विरोधी” हैं।
हिमंता बिस्व सरमा ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि राहुल गांधी महिला सशक्तीकरण के मुद्दे का इस्तेमाल हिंदू धर्म को निशाना बनाने और बदनाम करने के सुविधाजनक बहाने के तौर पर कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “‘जरा सोचिए: उन्होंने शरिया के तहत कायम पितृसत्तात्मक और मध्ययुगीन प्रथाओं के खिलाफ इसी तरह कितनी बार आक्रोश के साथ आवाज उठाई है? कभी नहीं।”
मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा, ”जबकि शरिया इस्लामी न्यायशास्त्र का आधार है, वहीं मनुस्मृति को हिंदू धर्म में ऐसी कोई तुलनीय शास्त्रीय मान्यता प्राप्त नहीं है। यह हिंदुओं के लिए कोई सार्वभौमिक रूप से बाध्यकारी संहिता भी नहीं है।”
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न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि पीड़ित के पैर इस प्रकार जल गए थे कि उसके पैर के नाखून भी उखड़ गए थे। आदेश में कहा गया है कि इस कृत्य ने समाज में गहरा असंतोष और अस्थिरता पैदा कर दी। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।
