कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा और संसद में उनकी उपस्थिति को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री पूरे सत्र के दौरान सदन में नहीं आए और मानसून सत्र के आखिरी दिन केवल ‘वंदे मातरम’ गाने के लिए पहुंचे।
संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा, ”गृह मंत्री आज आए हैं सिर्फ ‘वंदे मातरम’ गाने के लिए। पूरा सत्र चला लेकिन ना प्रधानमंत्री आए और ना ही गृह मंत्री। ऐसे में लोकतंत्र और संसद कैसे चलेगी?”
सरकार पर जवाबदेही से बचने के आरोप
मानसून सत्र के दौरान विपक्ष दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब मांगता रहा। हालांकि सरकार का कहना था कि इस मुद्दे पर संसद में चर्चा कराई जा सकती है।
लगातार हंगामे और गतिरोध के बीच गुरुवार को लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई जिसके साथ मानसून सत्र समाप्त हो गया।
RJD सांसद ने सरकार पर साधा निशाना
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद संजय यादव ने भी केंद्र सरकार पर संसद का समय और जनता का पैसा बर्बाद करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष के साथ संवाद से बच रही है और बिना पर्याप्त चर्चा के विधेयक पारित करा रही है।
संजय यादव ने कहा, ”सरकार की जिद, अहंकार और संवाद से इनकार की वजह से संसद का बहुमूल्य समय बर्बाद हुआ है। मोदी सरकार की जिद के कारण जनता का करीब 2.5 लाख रुपये प्रति मिनट और औसतन 9 करोड़ रुपये प्रतिदिन खर्च हो रहा है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महत्वपूर्ण विधेयकों को बिना पर्याप्त बहस के जल्दबाजी में पारित करा रही है। उनके अनुसार, ”दो मिनट में मैगी बनने की तरह बिल पास करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया और करोड़ों मतदाताओं का अपमान है।”
सत्र के आखिरी दिन भी दिखा टकराव
मानसून सत्र के अंतिम दिन संसद परिसर के मकर द्वार की सीढ़ियों पर सत्ता पक्ष और विपक्षी INDIA गठबंधन के सांसदों के बीच विरोध-प्रदर्शन भी देखने को मिला। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की जिससे राजनीतिक माहौल और गरमा गया।
‘लापता, भगोड़े यह भाषा सही नहीं’, संसद में गतिरोध पर अमित शाह का जवाब
संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है लेकिन विपक्ष संसद चलने नहीं देना चाहता। अमित शाह ने कहा कि छात्रों के प्रदर्शन समेत हर मुद्दे पर सरकार चर्चा के लिए तैयार है और वह विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा, ”सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है।”
संसद का मानसून सत्र: लोकसभा में 16% हुआ कामकाज
मानसून सत्र के तीन हफ्ते पूरे होने के बाद (10 अगस्त तक) लोकसभा अपने तय समय का सिर्फ 16% और राज्यसभा 31% समय ही काम कर पाई। पीआरएस लेजेस्टिव रिसर्च के आंकड़ों से यह बात सामने आई है। हालांकि, ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। 2009 से संसद के सत्रों के आंकड़ों से पता चलता है कि पहले भी ऐसे मौके आए हैं, जब लोकसभा या राज्यसभा का काम इससे भी ज्यादा समय तक बाधित रहा है।
