ताज़ा खबर
 

सोनिया समर्थक बनाम राहुल समर्थक: अब कर्नाटक में भी कांग्रेस की कलह उजागर, चार राज्यों में चल रहा पहले से पंगा

प्रदेश की राजनीति में बारीकी से नजर रखने वालों की मानें तो कर्नाटक में राहुल गांधी और सोनिया गांधी के वफादारों के बीच भी लड़ाई है। राहुल गांधी के अचानक इस्तीफा देने और सोनिया गांधी के दोबारा अध्यक्ष बनने से सोनिया के वफादारों को फिर से पैर जमाने का मौका मिल गया है।

Author नई दिल्ली | Published on: October 7, 2019 4:47 PM
प्रतीकात्मक फोटो (सोर्स: इंडियन एक्सप्रेस)

हरियाणा, महाराष्ट्र, त्रिपुरा और झारखंड के बाद कांग्रेस को अब कर्नाटक में भी आंतरिक कलह का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश में करीब तीन महीने पहले जनता दल सेक्यूलर (JDS) संग गठबंधन सरकार चला चुकी कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं के बीच खुलकर मतभेद नजर आने लगे हैं। रविवार (6 अक्टूबर, 2019) को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बीके हरिप्रसाद और केएच मुनीयप्पा के नेतृत्व में कई नेताओं ने बेंगलुरु स्थित कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया। इन नेताओं ने राज्यों में पार्टी की दूर्दशा की जिम्मेदारी तय करने और नेतृत्व परिवर्तन की मांग के लिए प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और KPCC के अध्यक्ष दिनेश गुंडु राव पर भी खूब निशाना साधा गया। चौंकाने वाली बात है कि इस खुले विरोध प्रदर्शन से कुछ दिन पहले पार्टी के नेताओं में हाथापाई तक की नौबत आ गई थी।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन ठहने और लोकसभा चुनाव में पार्टी को मिली करारी हार के बाद राज्य पार्टी नेतत्व के खिलाफ जोरशोर से आवाज उठने लगी। बगावत की कगार पर पहुंच चुका यह धड़ा दोनों नेताओं की विदाई चाहता है। इन नेताओं का आरोप है कि दोनों राज्य के नहीं महज एक ही तबके के नेता बनकर रह गए हैं। सात बार सांसद रहे और पूर्व केंद्रीय मंत्री केएच मुनीयप्पा का मानना है कि सिद्धारमैया फेल हो चुके हैं और उन्हें कांग्रेस विधायक दल के नेता के पद से हट जाना चाहिए। मुनीयप्पा को साल 2019 के लोकसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था।

इसी तरह पूर्व AICC महासचिव और सांसद बीके हरि प्रसाद ने राव के खिलाफ सख्त तेवर अपनाए हुए हैं। उनकी मांग है कि कांग्रेस आलाकमान को राव की जगह किसी दूसरे धड़े के नेता को प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस अध्यक्ष बनाया चाहिए। दूसरी तरफ मल्लिकार्जुन खड़गे भी राज्य की सियासत में एंट्री की कोशिश में जुटे हैं। सूत्रों के मुताबिक खड़गे भी सिद्धारमैया की कार्यशैली से खुश नहीं है। इसी तरह पूर्व डिप्टी सीएम जी परमेश्वर पार्टी हाईकमान से नाराजगी के चलते बैठकों में शामिल नहीं हो रहे।

प्रदेश की राजनीति में बारीकी से नजर रखने वालों की मानें तो कर्नाटक में राहुल गांधी और सोनिया गांधी के वफादारों के बीच लड़ाई है। राहुल गांधी के अचानक इस्तीफा देने और सोनिया गांधी के दोबारा अध्यक्ष बनने से सोनिया के वफादारों को फिर से पैर जमाने का मौका मिल गया है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 जलजमाव से परेशान महिलाएं कमरभर पानी में खड़ी हो पीएम मोदी को लोकगीत गा कर कोस रहीं, वीडियो हुआ वायरल
2 बंगाल: दुर्गा पूजा पंडाल में अजान, कुमारी पूजन पर हुई मुस्लिम लड़की की पूजा, भड़का विवाद
3 Kerala Win Win Lottery W-533 Today Results 07.10.2019: रिजल्‍ट जारी, इस टिकट नंबर ने जीता है 65 लाख का पहला इनाम