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हरियाणा: दलित लड़के की मौत के मामले में एसआईटी गठित

गोहाना में 15 वर्षीय दलित लड़के की मौत के मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल गठित किया गया है। लड़के के परिवार ने उसकी मौत पुलिस हिरासत में..

Author सोनीपत (हरियाणा) | October 24, 2015 6:30 PM
लड़के के परिवार ने उसकी मौत पुलिस हिरासत में होने का आरोप लगाया था। (पीटीआई फोटो)

गोहाना में 15 वर्षीय दलित लड़के की मौत के मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल गठित किया गया है। लड़के के परिवार ने उसकी मौत पुलिस हिरासत में होने का आरोप लगाया था, जिसके बाद दो एएसआई को हत्या के आरोपों के तहत नामजद किया गया था।

डीएसपी की अध्यक्षता में एसआईटी गठित करने का यह कदम एक ऐसे समय पर उठाया गया है, जब हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर यह दावा करने के बाद आलोचनाओं से घिर गए कि 15 वर्षीय दलित युवक गोविंद ने आत्महत्या की।

पुलिस ने कहा कि चिकित्सकों के बोर्ड द्वारा किए गए पोस्टमार्टम में यह पाया गया कि लड़के की मौत फांसी पर लटकने से हुई। रोहतक रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्रीकांत जाधव ने बताया, ‘‘इस मामले में एसआईटी का गठन किया गया है। चिकित्सकों के एक बोर्ड द्वारा किए गए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट कहती है कि लड़के की मौत लटकने से हुई। उसके गले पर एक निशान भी था।’’

जाधव के निर्देश पर, इस मामले में आगे जांच के लिए भी एक एसआईटी गठित की गई है। सोनीपत के पुलिस अधीक्षक अभिषेक गर्ग ने कहा, ‘‘एसआईटी का नेतृत्व रोहतक पुलिस के डीएसपी रैंक के अधिकारी अमित भाटिया करेंगे।’’

उन्होंने कहा कि लड़के के परिवार द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जाने के बाद गोहाना में स्थिति शांतिपूर्ण रही। लड़के के परिवार ने आरोप लगाया कि उसे पुलिस द्वारा पीटा गया था और उसकी मौत पुलिस हिरासत में हो गई थी। उसे कबूतर चुराने के आरोप में हिरासत में लिया गया था।

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के निर्देश पर दो सहायक पुलिस उपनिरीक्षकों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया। उनके खिलाफ एससी(एसटी) (अत्याचार निरोधी) कानून की धाराएं भी लगाई गईं।

शुक्रवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने यहां संवाददाताओं से कहा था कि ‘‘पोस्टमार्टम रिपोर्ट इस बात पर रोशनी डालेगी कि आत्महत्या क्यों और किन कारणों से की गई?’’

उन्होंने कहा था कि लड़के के परिवार का एक अन्य परिवार के साथ कुछ पैसे और कबूतर को लेकर विवाद था। उन्होंने यह भी कहा था कि लड़के से पूछताछ नहीं की गई थी और वह खुद ही थाने गया था।

कांग्रेस ने इस बात को लेकर मुख्यमंत्री पर निशाना साधा कि उन्होंने जांच पूरी होने से पहले ही यह दावा कर दिया कि लड़के ने आत्महत्या की थी। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा था, ‘‘जब एम एल खट्टर की तरह राज्य के मुख्यमंत्री जांच से पहले ही किसी केस का फैसला कर लेंगे, तो मैं पूछता हूं कि इस देश में दोषी को दंडित कौन करेगा। यह शर्मनाक है, निंदनीय है और दोषपूर्ण है।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि यह एक ऐसी दलित-विरोधी, गरीब-विरोधी और पिछड़ा-विरोधी मानसिकता को दर्शाता है, जो कि ‘‘आरएसएस और भाजपा के स्कूल में सिखाई जाती है।’’

गोहाना की इस घटना से कुछ ही दिन पहले फरीदाबाद जिले के सुनपेड गांव में दो दलित बच्चों को जिंदा जला दिया गया था। इस बीच, किशोर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने कहा है कि ‘‘हमारी नजर में इस मामले में मौत की वजह फांसी पर लटकना है, जो कि मौत से पहले लगाई गई प्रतीत होती है।’’

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि किसी जहरीले या मादक पदार्थ की पहचान के लिए रासायनिक विश्लेषण के लिए विसरा संरक्षित करके रखा गया है। गोविंद की मां संजीत देवी के अनुसार, ‘‘आठ से दस लोग हमारे घर आए और हमपर वहीं एवं तत्काल अंतिम संस्कार करने का दबाव डाला।’’

उन्होंने कहा था, ‘‘उनका बर्ताव अच्छा नहीं था और जब हमने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया तो वे लौट गए।’’

मृतक के चाचा राम निवास ने इस बात का डर जाहिर किया कि पुलिस भविष्य में भी उन्हें प्रताड़ित कर सकती है। खट्टर ने यह घोषणा की है कि मृतक के परिवार के एक सदस्य को नौकरी और परिवार को मुआवजा दिया जाएगा।

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