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‘दंगे जिंदगी का हिस्सा हैं, इंदिरा गांधी की हत्या के बाद भी पूरी दिल्ली जल रही थी’: दिल्ली हिंसा पर हरियाणा सरकार में मंत्री का बयान

Delhi Violence: हरियाणा सरकार में ऊर्जा मंत्री रंजीत चौटाला ने यह बयान दिया, वे पिछले साल हुए चुनाव में खट्टर को समर्थन देकर सरकार में शामिल हुए

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र नई दिल्ली | Updated: February 27, 2020 8:57 PM
रंजीत चौटाला कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने के बाद हरियाणा विधानसभा चुनाव में निर्दलीय खड़े हुए और जीत हासिल की थी। (फोटो- एएनआई)

Delhi Violence, Delhi Protest Today News: हरियाणा के ऊर्जा मंत्री रंजीत चौटाला ने विवादास्पद बयान दिया है। दिल्ली में जब पत्रकारों ने उनसे दिल्ली में हुई हिंसा पर सवाल पूछे, तो उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब देश में दंगे भड़के हैं, यह पहले भी होते रहे हैं। बता दें कि रंजीत चौटाला हरियाणा के विधानसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर खड़े हुए थे। विधायक बनने के बाद उन्होंने मनोहर लाल खट्टर को समर्थन दिया था और भाजपा-जजपा की गठबंधन सरकार में शामिल हुए थे। सीएम खट्टर ने उन्हें कैबिनेट में शामिल किया था।

दिल्ली में गुरुवार को पत्रकारों ने जब चौटाला से सवाल किए तो उन्होंने कहा, “दंगे तो होते रहते हैं, जब इंदिरा गांधी की हत्या हुई थी, तब भी पूरी दिल्ली जल रही थी। यह जिंदगी का हिस्सा है, जो चलता रहता है।”

चौटाला ने आगे कहा, “सरकार ने दंगों को ठीक तरह से नियंत्रित कर लिया। कल हिंसा वाले इलाकों में कर्फ्यू लगाया गया। यह दिल्ली से जुड़ा है, इसलिए यह न्यायिक मामला बन गया है। मैं इस पर कोई बयान नहीं दूंगा।”

आईएनएलडी के संस्थापक देवीलाल के बेटे हैं रंजीतः 74 साल के चौटाला इंडियन नेशनल लोक दल (आईएनएलडी) के संस्थापक और पूर्व उप प्रधानमंत्री देवी लाल के बेटे हैं। वे इससे पहले 1987 से 1989 तक कृषि मंत्रालय संभाल चुके हैं। रंजीत चौटाला ने बाद में कांग्रेस जॉइन कर ली और एक दशक से ज्यादा समय पार्टी को दिया। कुछ समय बाद उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा जॉइन की। हालांकि, बाद में वे फिर कांग्रेस में शामिल हुए। 2019 में कांग्रेस से टिकट न मिलने के बाद उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।

पहले भी विवादों में घिरे हैं रंजीत चौटालाः रंजीत चौटाला इससे पहले भी विवादास्पद बयानों को लेकर घिर चुके हैं। हाल ही में उन्होंने कहा था कि जो भी बिजली उपभोक्ता अपना बिल नहीं चुकाते, उनके बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं में नहीं बैठने देना चाहिए। उनके इस बयान पर सोशल मीडिया में लोगों ने नाराजगी जताई थी।
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