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NCRB की रिपोर्ट ने किया हरियाणा में रह रहे दलितों की हत्याओं का बड़ा खुलासा…

हाल ही हरियाणा राज्य में फरीदाबाद के दलित परिवार के खिलाफ हुई घटना हर को ध्यान में रखते हुए नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट आई है।

Author नई दिल्ली | Updated: October 23, 2015 1:01 PM

हाल ही हरियाणा राज्य में फरीदाबाद के दलित परिवार के खिलाफ हुई घटना हर को ध्यान में रखते हुए नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट आई है। जिसमें पिछले 15 साल से दलितों के साथ हो रहे अत्याचार को सामने लाकर रख दिया है।

इस रिपोर्ट के मुताबिक हरियाणा में पिछले 15 सालों दलितों के खिलाफ लगातार अपराधिक मामलों का ग्राफ बढ़ा है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्‍यूरो (NCRB) के मुताबिक वर्ष 2009 से लेकर वर्ष 2014 तक इन अपराधों में लगातार तेजी हुई है।

गौरतलब है कि हरियाणा के सोनपेड़ में कुछ दिन पहले ही दबंगों ने दलित परिवार के घर में आग लगा दी थी, जिसमें दो बच्‍चों की मौत हो गई थी। यह घटना हर किसी को चौकाने वाली थी। वहीं इस घटना के बाद जब नेशनल क्राइम रिपोर्ट ब्यूरो के आकड़े सामने आए तो वह भी बेहद चौकाने वाले हैं।

इन आंकड़ों के मुताबिक पिछले वर्ष दलितों के खिलाफ हुए अपराधों में करीब 744 दलितों की हत्‍या की गई। वर्ष 2013 में 676, 2012 में 651, 2011 में 673, 2010 में 570 और 2009 में करीब 624 दलितों की हत्‍याएं की गईं। पिछले वर्ष जब हरियाणा में कांग्रेस की सरकार सत्‍ता पर काबिज थी, के दौरान ही करीब 21 दलितों की हत्‍या की गई।

ब्‍यूरों के आंकड़े बताते हैं कि दलित महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों में भी पिछले कुछ वर्षों में लगातार इजाफा हुआ है। आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2009 में 1346, 2010 में 1349, 2011 में 1557, 2012 में 1576, 2013 में 2074 और 2014 में करीब 2233 अपराध दलित महिलाओं के खिलाफ सामने आए हैं।

इस संबंध में एनसीआरबी के आंकड़े बेहद चौंकाने वाले हैं। इन आंकड़ों के मुताबिक पिछले वर्ष दलितों के खिलाफ हुए अपराधों में न जाने कितने ही दलितों की हत्‍या की गई। साल 2000 में 117, 2001 में 243, 2002 में, 2003 में 195, 2004 में 217, 2005 में 288, 2005 में 283, 2007 में 227, 2007, 2008 में 341, 2009 में 303, 2010 में 380, 2001 में 408, 2012 में 252, 2013 में 676, 2012 में 651, 2011 में 673, 2010 में 570 और 2014 में 830 दलितों की हत्‍याएं की गईं। पिछले वर्ष जब हरियाणा में कांग्रेस की सरकार सत्‍ता साशन में थी। तभी 21 दलितों की हत्या कर दी गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक 444 केस दलितों के खिलाफ अभी रजिस्टर्ड हैं।

ब्‍यूरों के आंकड़े बताते हैं कि दलित महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों में भी पिछले कुछ वर्षों में लगातार इजाफा हुआ है। दलितों को अगवा करने के मामलों में भी पिछले दो वर्षों में तेजी देखने को मिली है।

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