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खट्टर-विज के टकराव में फंस गए अफसर, इनपुट न दे पाने पर नपे CID चीफ, दाखिल हुई चार्जशीट

चार्जशीट से एक अधिकारी को सेवा से बर्खास्तगी, रैंक में कमी या सजा के रूप में निलंबन हो सकता है। सूत्रों के अनुसार आदेश जारी होने के तुरंत बाद विज को पार्टी हाईकमान ने नई दिल्ली बुलाया।

हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज (फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस)

हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने सोमवार को सीआईडी प्रमुख अनिल राव के खिलाफ “बड़ी लापरवाही” के लिए चार्जशीट जारी करने का आदेश दिया। आरोप है कि पर्याप्त खुफिया जानकारी नहीं जुटाए जाने से राज्य के सामाजिक ताने-बाने पर खतरा आ गया था। एक अन्य आदेश में विज ने अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) विजई वर्धन को एडीजीपी श्रीकांत जाधव को नए सीआईडी ​​प्रमुख के रूप में स्थानांतरित करने के लिए कहा। राज्य सीआईडी ​​पर नियंत्रण को लेकर सीएम मनोहर लाल खट्टर और गृह मंत्री विज के बीच कथित रूप से विवाद भी चल रहा है।

पीएम और केंद्रीय गृहमंत्री ने दोनों नेताओं को दिल्ली बुलाया : चार्जशीट से एक अधिकारी को सेवा से बर्खास्तगी, रैंक में कमी या सजा के रूप में निलंबन हो सकता है। सूत्रों के अनुसार आदेश जारी होने के तुरंत बाद विज को पार्टी हाईकमान ने नई दिल्ली बुलाया। उच्च पदस्थ सूत्रों ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह खट्टर और विज से मिलेंगे।

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समय के भीतर ‘सूचना’ नहीं देने पर मांगा था स्पष्टीकरण : सूत्रों के मुताबिक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी इंटेलिजेंस विंग के प्रमुख अनिल राव चूंकि महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी जुटाने में कथित तौर पर नाकाम रहे, इसलिए उन पर बड़ी सजा के लिए चार्जशीट जारी की जा सकती है। पिछले महीने विज ने निर्धारित समय के भीतर ‘सूचना’ नहीं देने पर राव से स्पष्टीकरण मांगा था। बाद में उन्होंने नोटिस जारी होने के बावजूद सूचना देने में विफल रहने पर फिर से नाखुशी जाहिर की थी।

आईएएस और आईपीएस अफसरों के तबादले की शक्ति सीएम के पास: सरकारी सूत्रों ने कहा कि विज ने अनिल राव का तबादला करने के लिए अतिरिक्त मुख्य सेक्रटरी को भी आदेश जारी किया था। आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के तबादले की वास्तविक शक्ति सीएम के पास होती है। राव इस जुलाई में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। उन्होंने कहा कि विज का आदेश कानूनी जांच का सामना नहीं कर सकता है।

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