बिल्ली भी दूध देख आंखें नहीं मूंदती, पर 500 किसानों की मौत बाद मोदी सरकार की आंखें बंद- हरसिमरत का निशाना

हरसिमरत कौर ने कहा कि सरकार न तो आंदोलन कर रहे किसानों की सुन रही है और न ही संसद में विरोध कर रहे सांसदों की सुन रही है।

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अकाली दल नेता हरसिमरत कौर बादल ने सरकार पर निशाना साधा है। (एक्सप्रेस फोटो)।

सोमवार को संसद के बाहर अकाली दल सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने अन्य सांसदों के साथ हाथ में गेहूं की बालियां लिये विरोध प्रदर्शन किया और कृषि कानूनों को ‘काले कानून’ बताते हुए उनके खिलाफ विरोध जाहिर किया और नारेबाजी की। सरकार द्वारा किसानों को नजरअंदाज किए जाने पर उन्होंने कहा, ‘बिल्ली भी दूध देख आंखें नहीं मूंदती, पर 500 किसानों की मौत के बाद भी मोदी सरकार की आंखें बंद हैं।’ उन्होंने कहा कि सरकार न तो आंदोलन कर रहे किसानों की सुन रही है और न ही संसद में विरोध कर रहे सांसदों की सुन रही है।

बीजेपी द्वारा किसानों के दुश्मन के आरोप पर हरसिमरत कौर ने कहा कि सरकार और उनके नुमाइंदे खुद किसानों के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हैं और हमें किसानों का दुश्मन बता रहे हैं। सरकार को शर्म आनी चाहिए। अगर हम किसानों के दुश्मन होते तो क्यों कैबिनेट से इस्तीफा देते क्यों गठबंधन तोड़ते। मालूम हो कि किसान आंदोलन के चलते अकाली दल ने एनडीए से खुद को बाहर किया और हरसिमरत कौर बादल ने मंत्री पद से इस्तीफा दिया था।

वहीं आज पेगासस जासूसी मामले और केंद्र के तीन नये कृषि कानूनों समेत कुछ मुद्दों को लेकर कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण सोमवार को लोकसभा की कार्यवाही तीन बार के स्थगन के बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गयी। विपक्षी सदस्यों के शोर-शराबे के बीच ही सोमवार को सदन ने ‘साधारण बीमा कारबार (राष्ट्रीयकरण) संशोधन विधेयक, 2021’ को मंजूरी दी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ‘अधिकरण सुधार विधेयक, 2021’ भी पेश किया।


कुछ सदस्यों ने विपक्ष की नारेबाजी के बीच ही नियम 377 के तहत विशेष उल्लेख के माध्यम से अपने विषय रखे। सुबह सदन की कार्यवाही आरंभ होने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने ओलंपिक खेलों में स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पी वी सिंधू के कांस्य पदक जीतने का उल्लेख किया और बधाई दी जिस पर सभी सदस्यों ने मेजें थपथपाईं।

बिरला ने जैसे ही प्रश्नकाल शुरू करवाया, वैसे ही विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए आसन के निकट पहुंच गए। उन्होंने ‘जासूसी करना बंद करो’ और ‘प्रधानमंत्री जवाब दो’ के नारे लगाए। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और कुछ अन्य दलों के सदस्यों की नारेबाजी के बीच ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी, जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा और पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी ने पूरक प्रश्नों के उत्तर दिए।

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