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पद से हटाए गए हरीश रावत के निजी सचिव

सीडी कांड में फंसे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत के निजी सचिव आईएएस अधिकारी को मुख्यमंत्री सचिवालय और मुख्यमंत्री के सचिव पद समेत कई पदों.

Author July 26, 2015 12:06 PM

सीडी कांड में फंसे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत के निजी सचिव आईएएस अधिकारी को मुख्यमंत्री सचिवालय और मुख्यमंत्री के सचिव पद समेत कई पदों से हाथ धोना पड़ा है। सीडी कांड की प्रचंड आग से झुलसे मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सबसे पहले इस कांड के खलनायक गुजरात कैडर के आईएएस अफसर मौहम्मद शाहिद की बलि ली है। ताकि मुख्यमंत्री हरीश रावत विपक्ष के राजनीतिक दबाव से काफी हद तक बाहर निकल सकें।

वहीं दूसरी ओर उत्तराखंड भाजपा के नेताओं का एक प्रतिनिधि मंडल पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत और राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट के नैतृत्व में राज्यपाल के.के. पॉल से मिला और राज्यपाल को मुख्यमंत्री के सचिव रहे मौहम्मद शाहिद कांड की सीडी सौंपी। साथ ही भाजपा ने रावत सरकार को बर्खास्त करने की मांग की।

बीती देर रात अहम फैसला लेते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मौहम्मद शाहिद को मुख्यमंत्री सचिवालय से बाहर का रास्ता दिखा दिया। कहने को भले ही मौहम्मद शाहिद ने राज्य के मुख्यसचिव एन. रविशंकर को एक अनुरोध पत्र भेजकर अपने विभागों से मुक्त होने की इच्छा जाहिर की। परंतु सरकार के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री की लताड पर मौहम्मद शाहिद ने मुख्य सचिव को मुख्यमंत्री सचिवालय से जुडे पदों तथा अन्य विभागों से हटने की इच्छा जाहिर की।

माना जा रहा है कि विपक्ष के दबाव के चलते हरीश रावत ने सूबे की नौकरशाही में बीती देर रात यह परिवर्तन किया ताकि शनिवार को राज्यपाल को राज्य सरकार के खिलाफ ज्ञापन देने के भाजपा के राजनीतिक चाल की हवा निकाली जा सके। वहीं राज्य सरकार के कार्मिक विभाग की तरफ से एक प्रेस बयान जारी कर यह बताया गया कि जनहित में शासन ने कई आईएएस अधिकारियों के दायित्वों में फेर बदल किया है। यह बयान कार्मिक विभाग के संयुक्त सचिव अतर सिंह तरफ से जारी किया गया है।

इस बयान के मुताबिक मौहम्मद शाहिद को मुख्यमंत्री के सचिव पद से हटा दिया गया है। साथ ही मौहम्मद शाहिद को सूचना, सुराज, भ्रष्टाचार उन्मूलन, जनसेवा, आबकारी, लोक शिकायत के सचिव पदों से हटा दिया गया है। अब मौहम्मद शाहिद के पास अध्यक्ष अल्पसंख्यक कल्याण, वक्फ विकास निगम, प्रबंध निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण निगम के पद रहेंगे।

उत्तराखंड शासन के कार्मिक विभाग के मुताबिक मौहम्मद शाहिद से छीना गया सूचना एवं लोकसम्पर्क विभाग के सचिव का पद वरिष्ठ आईएएस अधिकारी प्रमुख सचिव मनीषा पंवार को दिया गया है। शाहिद से आबकारी सचिव का पद छीनकर प्रमुख सचिव डॉ रणवीर सिंह को दिया गया है। वहीं प्रभारी शैलेश बगौली को मौहम्मद शाहिद से छीना गया विभाग लोक शिकायत, जनसेवा विभाग, सुराज तथा भ्रष्टाचार उन्मूलन दिया गया है। इस तरह हरीश रावत ने मौहम्मद शाहिद के पर पूरी तरह कतर दिए हैं।

सूत्रों के मुताबिक मौहम्मद शाहिद ने मुख्यसचिव को पत्र लिखा था कि आशोक पांडेय नाम के किसी व्यक्ति ने दिल्ली में शराब के ठेकों के बाबत एक सीडी जारी की थी, जिसे बाद में इलैक्ट्रोनिक मीडिया ने दिखाया था। मौहम्मद शाहिद ने अपनी चिट्ठी में इस सीडी की विषय वस्तु पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह मामला उनके अधीन आबकारी महकमें से जुडा हुआ है। और शासन इस मामले की जांच कराना चाहता है। इसलिए वे संबंधित विभागों से हटना चाहते हैं ताकि राज्य सरकार और शासन की विश्वसनीयता बनी रहे। साथ ही निष्पक्ष जांच हो सके।

वहीं मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पत्रकारों से कहा कि उन्हें सीडी तो मिल गयी है। परंतु पहले स्टिंग करने वाले की मंशा का पता चले। जब कोई जिम्मेदार व्यक्ति आकर सीडी उन्हें देगा तभी वे उसे जांच के लिए भेजेंगे। वरना वे उसे जांच के लिए नहीं भेजेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टिंग करने का मकसद सामने आना चाहिए। उन्होंने कहा कि सबसे बढा सवाल यह है कि स्टिंग करने वाले की मंशा क्या है। सीडी कांड में फंसे मौहम्मद शाहिद को पद से हटाने की मांग भाजपा समेत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने भी की थी। अब यह साफ है कि हरीश रावत विपक्ष के दबाव में आ गये हैं। तभी उन्होंने बीती रात मौहम्मद शाहिद को एकाएक हटाने का फैसला लिया।

कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस पार्टी हाईकमान का भी रावत पर मौहम्मद शाहिद को हटाने का दबाव था। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस पूरे मामले की रिपोर्ट कांग्रेस पार्टी हाईकमान को भेज दी गयी है। साथ ही इस मामले की एक विस्तार से बनाई गई रिपोर्ट राज्य की प्रभारी वरिष्ठ कांग्रेस नेता अंबिका सोनी को भी भेजी गई है। ताकि केंद्र सरकार को पार्टी हाईकमान माकूल जवाब दे सके। वहीं भाजपा के निलंबित विधायक भीम लाल आर्य सीडी मामले में मुख्यमंत्री हरीश रावत के साथ खडे हो गये है।

आर्य ने कहा कि भाजपा का यह कथित स्टिंग सीडी प्रकरण मुख्यमंत्री की विकास पुरूष छवि को बाधित करना का एक कथित प्रयास है। भाजपा की मुख्यमंत्री को बदनाम करने की साजिश परवान नहीं चढेगी। जिन भाजपाईयों ने मुख्यमंत्री को बदनाम करने के लिए यह सीडी जारी की है। वह भाजपा आज खुद भ्रष्टाचार के दलदल में फंसी हुई है। पहले भाजपा अपने दामन के दाग को तो साफ करले।

(सुनील दत्त पांडेय)

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