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अनशन पर बैठे हार्दिक पटेल ने लिखी वसीयत, घरवालों में बांटी जायदाद

हार्दिक पटेल 25 अगस्त से अनशन पर हैं। उनकी मांग है कि पाटीदार युवाओं को सरकारी नौकरियों में आरक्षण दिया जाए, साथ ही किसानों का ऋण माफ किया जाए। इस दौरान कई राजनैतिक दलों के लोगों ने उनसे मुलाकात की है।

पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने अपनी अनिश्चिकालीन भूख हड़ताल के नौवें दिन रविवार को अपनी वसीयत सार्वजनिक रुप से जारी की। वह अपने समुदाय के लिए आरक्षण और किसानों की ऋण माफी की मांग को लेकर अनशन पर हैं। एक पाटीदार नेता ने कहा कि पटेल ने अपने माता-पिता, एक बहन, 2015 में कोटा आंदोलन के दौरान मारे गए 14 युवाओं के परिजनों और अपने गांव के पास एक पंजरापोल (बीमार और पुरानी गायों के लिए आश्रय) के बीच अपनी संपत्ति का वितरण किया है। पाटीदार अनामत आंदोलन समिति के प्रवक्ता मनोज पनारा ने अहमदाबाद के पास हार्दिक पटेल के निवास पर संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पटेल ने अपनी मृत्यु के बाद अपनी आंखें दान करने की इच्छा व्यक्त की है।

बता दें कि हार्दिक पटेल 25 अगस्त से अनशन पर हैं। उनकी मांग है कि पाटीदार युवाओं को सरकारी नौकरियों में आरक्षण दिया जाए, साथ ही किसानों का ऋण माफ किया जाए। तृणमूल कांग्रेस, राकांपा और राजद समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और प्रतिनिधियों ने पिछले नौ दिनों में पटेल से मुलाकात की है। हालांकि भाजपा सरकार ने अभी तक हस्तक्षेप नहीं किया है। पनारा ने दावा किया कि पटेल का स्वास्थ्य बिगड़ रहा है। उन्होंने पिछले नौ दिनों से कुछ नहीं खाया है। उन्होंने पिछले 36 घंटों से पानी भी नहीं पीया है। उन्होंने कहा कि पटेल ने “अपने खराब स्वास्थ्य के बारे में डॉक्टर की सलाह पर विचार करते हुए” वसीयत तैयार की है।हार्दिक की वसीयत के अनुसार, 50 हजार रुपए उनके बैंक खाते में हैं। जिनमें से 20 हजार रुपए उनके माता को मिलेंगे और बाकी उनके पैतृक गांव वीरमगम में स्थित गौशाला को दान किए जाएंगे। हार्दिक पटेल ने अपनी संपत्ति में एक कार, जीवन बीमा पॉलिसी की भी घोषणा की है। वसीयत के अनुसार, बीमा पॉलिसी, कार और उन पर लिखी जा रही किताब की रॉयल्टी के पैसों को तीन हिस्सों में बांटा जाए। जिसमें से 15 प्रतिशत उनके माता-पिता को, 15 प्रतिशत उनकी बहन को और बाकी 70 प्रतिशत कोटा की मांग को लेकर भड़की हिंसा में मारे गए 14 पाटीदार युवाओं के परिवारों को मिलेगा।

मनोज पनारा ने कहा कि हो सकता है कि अगले 24 से 48 घंटों में वह बोलने और चलने में भी सक्षम ना रहें। इसलिए उन्होंने समय रहते ही अपनी वसीयत की घोषणा कर दी है। राजकीय अस्पताल के एक डाक्टर हार्दिक को देखने गए। उन्होंने कहा, “हमने हार्दिक पटेल को अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी है। उनका मूत्र और रक्तचाप सामान्य है। लेकिन हार्दिक ने खून की जांच कराने से इनकार कर दिया है।”

(एजेंसी इनपुट)

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