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संसद भवन के बगल में नई इमारत का विकल्प विचाराधीन: पुरी

परियोजना को तीन चरण में पूरा करने का लक्ष्य है।

Author Published on: September 19, 2019 2:23 AM
फोटो सोर्स- फायनेंशियल एक्सप्रेस।

आवास व शहरी मामलों के राज्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार को कहा कि सभी सांसदों के लिए संसद भवन में कार्यालय के लिए जगह नहीं मिल पाने सहित, वर्तमान दौर की अन्य जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रही संसद भवन की 90 साल पुरानी इमारत के बगल में ही नई इमारत बनाने का विकल्प सरकार के विचाराधीन है। मौजूदा इमारत के बगल में ही एक और इमारत बनाने का विकल्प भी अन्य विकल्पों में शामिल हो सकता है, जिन पर सरकार विचार करेगी।

पुरी ने संगोष्ठी में शिरकत के बाद संवाददाताओं को बताया कि इस तरह की धारणाएं गलत हैं कि संसद भवन की मौजूदा इमारत को तोड़कर नई इमारत बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि अभी संसद भवन, केंद्रीय सचिवालय और राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक तीन किमी के दायरे में फैले ‘सेंट्रल विस्टा’ को नया स्वरूप देने की परियोजना विचार के स्तर पर ही है। इसके डिजाइन को लेकर मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्ताव मांगे हैं। प्रस्ताव मिलने के बाद ही इन पर सरकार के विशेषज्ञ इनमें से सबसे मुफीद प्रस्ताव का चयन करेंगे।

अधिकारी ने बताया कि 13 सितंबर को इस बाबत हुई बैठक के बाद अब तक 28 कंपनियों ने इस परियोजना के प्रस्ताव को पेश करने की इच्छा जताई है। परिसीमन के बाद संसद सदस्यों की संख्या में इजाफे की संभावना को देखते हुए संसद भवन में जगह के अभाव का संकट और अधिक बढ़ जाएगा। इसके मद्देनजर सरकार इस परियोजना को अगले पांच साल में पूरा करने के लिए तत्पर है। सरकार ने पिछले सप्ताह ही संसद भवन, केंद्रीय सचिवालय और सेंट्रल विस्टा के पुनर्निर्माण की परियोजना का खुलासा किया था।

‘सार्वजनिक क्षेत्र में भवन निर्माण की उभरती तकनीक’ विषय पर केंद्रीय लोक निर्माण विभाग द्वारा आयोजित संगोष्ठी में पुरी ने कहा कि 190 साल के ब्रिटिश शासनकाल में वास्तुकला की दृष्टि से बनी बेहतरीन इमारतें अब देश की सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है। इसलिए मौजूदा संसद भवन की इमारत को तोड़कर नई इमारत बनाने की धारणा भ्रामक है। उन्होंने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि नॉर्थ ब्लॉक व साउथ ब्लॉक को संग्रहालय बना देना चाहिए।

संसद भवन के बारे में मुझे लगता है कि मौजूदा इमारत के बगल में नई इमारत बनाई जाए, जिसे भूमिगत रास्ते से पुरानी इमारत से जोड़ा जा सके। एक विकल्प हो सकता है कि मौजूदा इमारत को यथावत रखते हुए नई इमारत में मंत्रियों और सांसदों के लिए कार्यालय की जगह मुहैया करा दी जाए। परियोजना को तीन चरण में पूरा करने का लक्ष्य है। इसके तहत सेंट्रल विस्टा को दिसंबर 2020 तक, संसद भवन के पुनर्विकास का काम अगस्त, 2022 में आजादी की 75वीं वर्षगांठ के पहले और संयुक्त केंद्रीय सचिवालय बनाने का काम 2024 तक पूरा करना है।

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