लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के द्वारा केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू को ‘गद्दार’ कहे जाने को लेकर अच्छा-खासा विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले में रवनीत बिट्टू के बाद केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का भी बयान सामने आया है। पुरी ने कहा है कि राहुल गांधी ने रवनीत सिंह बिट्टू को ‘गद्दार’ कहकर शालीनता, मर्यादा और गरिमा की सभी सीमाओं को पार कर दिया है।
पुरी ने कहा कि ऐसा संभव है कि राहुल गांधी रवनीत बिट्टू से इसलिए गहरी दुश्मनी रखते हों क्योंकि उन्होंने कांग्रेस की नीतियों के बजाय मोदी सरकार की विकास नीतियों को चुना।
पुरी ने कहा है कि एक गौरवशाली सिख के खिलाफ ऐसे अपमानजनक शब्द को जायज नहीं ठहरा सकता, जिनके दादाजी की हत्या आतंकवादियों ने की थी। किसी को ‘गद्दार मित्र’ कहना, देशद्रोह का प्रतीक है।
मैं देश के दुश्मन के साथ हाथ नहीं मिलाऊंगा’
हरदीप पुरी ने अपने X हैंडल पर कहा, ‘भले ही राहुल गांधी के कई मित्र गद्दार हों लेकिन बिट्टू निश्चित रूप से उनमें से एक नहीं हैं। बिना किसी आधार के एक प्रतिष्ठित सिख को गद्दार कहना पूरे सिख समुदाय का अपमान है। ऐसे अपमानजनक बयान देने से पहले उन्हें हिंदू धर्म की रक्षा के लिए हमारे गुरुओं और साहिबजादों द्वारा किए गए बलिदानों के बारे में पता होना चाहिए था।’
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘उन्हें यह पता होना चाहिए था कि सिख धर्म प्रत्येक सिख को मातृभूमि के प्रति प्रेम सिखाता है और सिख बड़ी संख्या में भारत माता की संप्रभुता की रक्षा के लिए सशस्त्र बलों में हैं।’
केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने कहा कि राहुल गांधी का यह बयान बिट्टू के दादा और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री सरदार बेअंत सिंह के बलिदान का अपमान है। उन्होंने कहा कि हमें 1984 में किए गए स्वर्ण मंदिर के अपमान को नहीं भूलना चाहिए जो इसी मानसिकता की वजह से हुआ था।
राहुल के करीबी थे बिट्टू
रवनीत बिट्टू एक वक्त में राहुल गांधी के बेहद करीबी नेताओं में हुआ करते थे लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले बिट्टू बीजेपी में शामिल हो गए थे। बिट्टू पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते हैं। 1995 में एक आतंकवादी हमले में बेअंत सिंह की मौत हो गई थी।
रवनीत सिंह बिट्टू 2009, 2014 और 2019 में कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा का चुनाव जीते थे। 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने लुधियाना से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ा था और तब वह नजदीकी मुकाबले में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग से चुनाव हार गए थे। चुनाव में हार के बाद भी बीजेपी ने रवनीत सिंह बिट्टू को मोदी सरकार में मंत्री बनाया था।
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