बात 13 नवंबर 2014 की है… हरदीप सिंह पुरी ने एक ईमेल में अमेरिकी बिजनेसमैन जेफ्री एपस्टीन और लिंक्डइन के सह-संस्थापक रीड हॉफमैन को लिखा कि अब वे ‘गुडी गुडी’  आइडिया की बजाय इंटरनेट पर आधारित नए बिजनेस आइडिया पर काम करने के लिए तैयार हैं। इस पर एपस्टीन ने जवाब दिया कि उसे पता था कि हरदीप पुरी आखिरकार मान जाएंगे।

इससे करीब एक महीने पहले 2 अक्टूबर 2014 को उनकी मुलाकात हुई थी। उसके बाद एपस्टीन ने हॉफमैन से ईमेल में पूछा, “क्या आपको हरदीप काम के लगे?” हॉफमैन ने छोटा सा जवाब दिया – ‘कॉम्प्लिकेटेड’ – और फिर बात को स्काइप पर आगे बढ़ाया। इसके बाद 24 अक्टूबर 2014 के एक और ईमेल से पता चलता है कि हरदीप पुरी ने एपस्टीन की सहायक को भारत में शादी में शामिल होने के लिए जल्दी वीजा दिलाने में मदद की।

नॉर्वे के डिप्लोमैट से मुलाकात के लिए किया मेल

इसके एक साल बाद दिसंबर 2015 में, एपस्टीन ने हरदीप पुरी का एक ईमेल नॉर्वे के डिप्लोमैट तेर्जे रॉड-लार्सन को फॉरवर्ड किया। इस ईमेल में उन्होंने “कॉफी के लिए समय” मांगा था।

इस मेल पर नॉर्वे के डिप्लोमैट तेर्जे रॉड-लार्सन ने जवाब में कहा, “क्या आपने यह कहावत सुनी है: जब भी किसी भारतीय और सांप से मिलो, तो भारतीय को पहले मारो!”

इस मेल के जवाब में जेफ्री एपस्टीन ने लिखा, “सवाल यह है कि दोनों में फर्क कैसे पहचानोगे?”

30 जनवरी को DoJ ने जारी किए दस्तावेज

30 जनवरी को अमेरिका के न्याय विभाग एपस्टीन मामले से जुड़े कुछ नए दस्तावेज जारी किए। इनसे पता चलता है कि केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी (उस समय हाल ही में रिटायर हुए राजनयिक थे और बीजेपी में शामिल हुए थे) ने 2014-15 के दौरान जेफ्री एपस्टीन के साथ ईमेल पर बातचीत की थी। इन ईमेल में पुरी मुख्य रूप से भारत की आर्थिक प्रगति और विकास के बारे में अपनी बात रख रहे थे।

राहुल ने लोकसभा में लिया हरदीप पुरी का नाम

भारत में बुधवार को राहुल गांधी ने एपस्टीन और हरदीप पुरी का नाम लोकसभा में लिया। राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए हरदीप सिंह पुरी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने आरोपों को ‘बेबुनियाद’ बताया। हरदीप सिंह पुरी ने राहुल गांधी पर पार्लियामेंट्री जिम्मेदारी न दिखाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मई 2009 में जब वह न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत बने और 2017 में मंत्री बने। तब वह आठ साल तक अमेरिका में रहे।

एपस्टीन को लेकर हरदीप पुरी ने क्या जवाब दिया?

हरदीप सिंह पुरी ने कहा, “आठ साल में शायद दो या तीन मीटिंग का जिक्र है… उस नोट में, मैंने उन्हें बताया कि UN में भारत के राजदूत के तौर पर रिटायर होने के कुछ महीने बाद मुझे इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट में शामिल होने के लिए बुलाया गया था।”

उन्होंने आगे कहा, “यह IPI में एक कमीशन था जिसे यह देखने के लिए बनाया गया था कि यूनाइटेड नेशंस अपनी 75वीं सालगिरह के मौके पर अपने मकसद के लिए फिट है या नहीं… इसके चेयरमैन ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री थे… IPI में मेरे बॉस मिस्टर तेर्जे रॉड-लार्सन थे। वे इस बदनाम व्यक्ति एपस्टीन को जानते थे और IPI या ICM के एक डेलीगेशन के हिस्से के तौर पर मैं मिस्टर एपस्टीन से कुछ मौकों पर मिला – तीन या ज्यादा से ज्यादा चार बार।”

हरदीप सिंह पुरी फरवरी 2013 में रिटायर हुए

हरदीप सिंह पुरी फरवरी 2013 में IFS से रिटायर होने के बाद जनवरी 2014 में बीजेपी में शामिल हो गए। उन्होंने सितंबर 2017 में मंत्री बनाया गया। उन्हें आवास और शहरी मामलों के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) का प्रभार दिया गया। 2021 में उन्हें पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस का पोर्टफोलियो दिया गया।

एपस्टीन फाइल्स में और क्या?

अमेरिका के न्याय विभाग द्वारा जारी ईमेल के अनुसार, 18 जून 2014 को जेफ्री एपस्टीन ने हरदीप पुरी को लिखा कि “रीड हॉफमैन भारत आने के लिए तैयार हैं।”

इसके जवाब में 23 जून को पुरी ने लिखा, “दिल्ली लौटकर आपका संदेश देखा, जेफ्री। रीड हॉफमैन की भारत यात्रा में मदद करने और व्यवस्था कराने में मुझे खुशी होगी।”

सितंबर 2014 में जेफ्री एपस्टीन ने एक ईमेल के जरिए हर्दीप सिंह पुरी और रीड हॉफमैन का परिचय कराया। ईमेल में उसने लिखा, “रीड – हरदीप। हरदी – रीड। रीड, हरदीप इज योर मैन इन इंडिया।”

किस विषय पर हो रही थी दोनों की बात?

अक्टूबर 2014 में रीड हॉफमैन के साथ हुई ‘कॉम्प्लिकेटेड’ मुलाकात के लगभग एक महीने बाद हरदीप पुरी ने जेफ्री एपस्टीन को ईमेल किया।उन्होंने लिखा, “जेफ, मैंने 3 अक्टूबर को सिलिकॉन वैली में रीड के साथ हुई अपनी बातचीत के बारे में आपको बताया था। आपका मानना था कि रीड को जल्दी भारत आना चाहिए। अक्टूबर के मध्य से भारत लौटने के बाद अब मुझे पहले से भी ज्यादा यकीन हो गया है कि आज का भारत इंटरनेट आधारित आर्थिक गतिविधियों के लिए बहुत अच्छा अवसर देता है।”

हरदीप पुरी ने अपने ईमेल में लिखा, “नए चुने गए प्रधानमंत्री मोदी का भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का एक बड़ा और साहसी प्लान है, जिसमें गांवों तक इंटरनेट पहुंच बढ़ाना शामिल है।”

उन्होंने कहा कि इस प्लान के हिसाब से 2018 तक भारत में इंटरनेट यूजर्स की संख्या लगभग 50 करोड़ तक पहुंच सकती है। हरदीप पुरी ने आगे लिखा कि अमेरिका में इंटरनेट की बढ़त भारत की बराबरी नहीं कर पाएगी क्योंकि भारत में उस समय इंटरनेट का इस्तेमाल 20% से भी कम लोगों तक सीमित था।

दिसंबर 2014 में हरदीप सिंह पुरी ने जेफ्री एपस्टीन को मिलने के लिए ईमेल लिखा। उन्होंने पूछा कि वह अपने ‘एक्सोटिक आइलैंड’ से कब लौटेंगे, ताकि वे आकर उनसे बात कर सकें। इस मेल के जवाब में एपस्टीन ने लिखा, “मैं भी तुम्हें लिख रहा था। कमाल है। मैंने रीड से बात की।”

एपस्टीन के मेल के जवाब में हरदीप सिंह पुरी ने लिखा, “सच में, जैसे टेलीपैथी हो गई। जब वापस आओ तो मुझे बताना। एंड हैव फन। वैसे इसके लिए तुम्हें किसी के हौसले की जरूरत नहीं है।”

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