Happy Women's Day 2018 Quotes, Antarrashtriya Mahila Diwas 2018 PM modi launches expansion of Beti Bachao Beti Padhao and National Nutrition Mission in Jhunjhunu plays with children - Women's Day 2018: झुंझुनू में बच्चों के साथ खेले पीएम नरेंद्र मोदी, कहा- बोझ नहीं, परिवार की शान है बेटी - Jansatta
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Women’s Day 2018: झुंझुनू में बच्चों के साथ खेले पीएम नरेंद्र मोदी, कहा- बोझ नहीं, परिवार की शान है बेटी

Happy Women's Day 2018 (अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस): प्रधानमंत्री ने इस कार्यक्रम के दौरान न केवल महिलाओं से बात की बल्कि 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' अभियान के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों को सम्मानित भी किया। उन्होंने यहां लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि बेटी बोझ नहीं होती है, बल्कि परिवार की शान होती है।

Women’s Day 2018: बच्चों के साथ पीएम नरेंद्र मोदी (फोटो सोर्स- ANI ट्विटर)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर राजस्थान के झुंझुनू में राष्ट्रीय पोषण मिशन की शुरुआत की। इस मिशन के लॉन्चिंग के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पीएम मोदी गुरुवार को झुंझुनू पहुंचे। यहां मिशन लॉन्चिंग के कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने महिलाओं से बात की और छोटी बच्चियों के साथ खेला भी। बच्चियों के साथ खेलते हुए पीएम मोदी का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह माइक लेकर बच्चियों के बीच में खड़े दिख रहे हैं और छोटे-छोटे प्यारे-प्यारे बच्चे उनके साथ खेलते हुए नजर आ रहे हैं। पीएम मोदी ने बच्चों के साथ खेलते वक्त उनसे बातें भी की।

प्रधानमंत्री ने इस कार्यक्रम के दौरान न केवल महिलाओं से बात की बल्कि ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों को सम्मानित भी किया। उन्होंने यहां लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि बेटी बोझ नहीं होती है, बल्कि परिवार की शान होती है। पीएम ने कहा, ‘वेद से विवेकानंद वाले इस देश में वो कौन सी बुराई घर कर गई कि आज हमें अपने ही घर में बेटी बचाने के लिए हाथ-पैर जोड़ने पड़ रहे हैं, बजट से पैसा खर्च करना पड़ रहा है। बेटियां बोझ नहीं बल्कि पूरे परिवार की आन-बान-शान हैं।’

उन्होंने सभी से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत काम करने की अपील भी की। पीएम ने कहा, ‘मैं सभी से अपील करूंगा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को लेकर जन आंदोलन बनाना होगा, हमें एक सामाजिक आंदोलन खड़ा करना पड़ेगा। आदमी और औरत में समानता लाने के बाद ही सोसायटी का विकास होगा। देश में लड़के और लड़कियों की संख्या एक समान होनी चाहिए। बेटा-बेटी एक समान। एक सांस बहुत ज्यादा बदलाव ला सकती है, अगर वह यह कहे कि वह अपने घर में एक बेटी चाहती है। ऐसे में कोई भी कभी भी किसी बेटी को परेशान नहीं करेगा। हमें सामाजिक बदलाव लाना होगा। बेटी बोझ नहीं है, देश की बेटियां आज बहुत बड़े-बड़े काम कर रही हैं। वे देश का नाम रोशन कर रही हैं।’ इसके अलावा पीएम ने कहा कि देश के विकास के लिए लोगों को पोषण की जरूरत है।

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