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Valentine’s Day 2019: गुजरात के 10 हजार स्टूडेंट्स लेंगे शपथ- बिना घरवालों के इजाजत नहीं करेंगे शादी

Valentine's Day 2019: स्कूल प्रशासन ने स्टूडेंट्स से कहा है कि वे कविता को अच्छे से याद कर लें ताकि गुरुवार को शपथ ले सकें।

Author February 14, 2019 9:12 AM
Valentine’s Day 2019: तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है।

Valentine’s Day 2019: सूरत के विभिन्न प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 10 हजार स्टूडेंट गुरुवार को वैलेंटाइन डे के दिन एक खास शपथ ले सकते हैं। शपथ ये कि वे बिना अभिभावकों की इजाजत के शादी नहीं करेंगे। यह आइडिया शहर के लाफ्टर थेरेपिस्ट कमलेश मसालावाला का है। वह सूरत में ‘लाफ्टर क्लब, क्राइंग क्लब’ चलाते हैं। वह शहर के विभिन्न शैक्षिक संस्थानों से भी जुड़े हुए हैं। कमलेश का कहना है कि उन्हें यह आइडिया युवाओं की काउंसिलिंग करते वक्त आया। ये युवा उनके पास आते और बताते कि किस तरह उनके घरवाले उनके प्यार और शादी के खिलाफ हैं। कमलेश के मुताबिक, उन्होंने ऐसे युवाओं को परिवार के महत्व के बारे में बताया।

बता दें कि इस शपथ कार्यक्रम के दौरान छात्र शहर के ही बाल मनोचिकित्सक डॉक्टर मुकुल चोकसी की लिखी कविता की आठ लाइनें दोहराएंगे। मुकुल कवि भी हैं। यह कविता गुजराती में लिखी हुई है। मसालावाला ने विभिन्न स्कूलों के ट्रस्टियां से संपर्क करके यह प्रस्ताव दिया, जिस पर सभी सहमत हो गए। मसालावाला के मुताबिक, करीब 20 स्कूलों ने इस पर रजामंदी दे दी है। यह कार्यक्रम स्कूल टाइमिंग के अंतर्गत परिसर में ही होगा। स्कूल के अधिकारी इस कार्यक्रम का वीडियो बनाएंगे, जिसे बाद में मसालावाला को सौंप दिया जाएगा। बाद में स्कूल के ट्रस्टियों और प्रिंसिपलों को भी सम्मानित किया जाएगा। मसालावाला के मुताबिक, वह संदेश देना चाहते हैं कि स्टूडेंट अपने घरवालों द्वारा चुने गए लाइफ पार्टनर के साथ जीवन बिताएं। उन्होंने उम्मीद जताई कि वैलेंटाइंस डे के दिन करीब 10 हजार स्टूडेंट इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।

उधर, स्कूल प्रशासन ने स्टूडेंट्स से कहा है कि वे कविता को अच्छे से याद कर लें ताकि गुरुवार को शपथ ले सकें। इस कार्यक्रम में 17 और उससे ज्यादा की उम्र के छात्रों को शामिल करने का प्रस्ताव दिया गया है। मसालावाला के मुताबिक, इसमें शामिल होना अनिवार्य नहीं है। जो छात्र शामिल होना नहीं चाहते, वे अपना फैसला लेने के लिए आजाद हैं। बता दें कि इस कार्यक्रम में यूथ नेशन नाम का एनजीओ भी सहयोग दे रहा है। एनजीओ चलाने वाले विकास दोषी ने कहा कि वे चाहते हैं कि बच्चे अपने घरवालों की मर्जी के हिसाब से शादी करें इसलिए जागरूकता फैलाना जरूरी है। यह छात्रों पर निर्भर करता है कि वे इस शपथ का पालन भविष्य में करते हैं कि नहीं।

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