Rajasthan News: राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में गेहूं खरीद को लेकर किसानों का आंदोलन शनिवार को और तेज हो गया। हजारों प्रदर्शनकारियों ने पीलीबंगा में बीकानेर-हनुमानगढ़ रेलवे ट्रैक को कुछ देर के लिए जाम कर दिया। इससे करीब एक घंटे तक रेल यातायात बाधित रहा।

यह विरोध प्रदर्शन गेहूं खरीद की अवधि बढ़ाने और खरीद के लक्ष्यों में बढ़ोतरी करने की मांगों के कारण शुरू हुआ था। किसानों ने सब-डिविजनल कार्यालय के बाहर धरना दिया। उनका आरोप है कि स्थानीय मंडियों में बड़ी मात्रा में गेहूं बिना बिके पड़ा है, जबकि खरीद का मौसम अब खत्म होने वाला है।

किसानों को तत्काल फैसलों की जरूरत

सीपीआईएम नेता रघुवीर वर्मा ने कहा कि खरीद की अवधि बढ़ाने और खरीद के लक्ष्यों में बदलाव करने का फैसला केवल सरकारी स्तर पर ही लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्थानीय अधिकारी केवल आश्वासन दे रहे हैं, जबकि किसानों को तत्काल फैसलों की जरूरत है।

किसानों की बैठक सुबह करीब 11 बजे शुरू हुई। किसान नेताओं के निर्देशों का पालन करते हुए प्रदर्शनकारी धरना स्थल से करीब 50 मीटर दूर स्थित रेलवे ट्रैक की ओर मार्च करते हुए गए और वहां रेल रोक दी। किसान दोपहर करीब 1 बजे तक ट्रैक पर डटे रहे। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों के हस्तक्षेप और समझाने-बुझाने पर वे वापस धरना स्थल पर लौट आए।

‘द इंडियन एक्सप्रेस’ ने हनुमानगढ़ के कलेक्टर कुशल यादव से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने अपना काम पूरा कर लिया है और राजस्थान उत्तरी क्षेत्र का एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां अभी भी गेहूं की खरीद जारी है।

हमने किसानों को आश्वासन दिया- कलेक्टर

कुशल यादव ने कहा, “हरियाणा और पंजाब राज्यों में अब तक किसी भी तरह की खरीद शुरू नहीं हुई है। हमने किसानों को आश्वासन दिया है और उन्हें बताया है कि राजस्थान में खरीदे गए हर तीन बैग में से एक बैग हमारे जिले का होता है। केंद्र सरकार ने भी गेहूं खरीद की सीमा 7.25 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 8 लाख मीट्रिक टन कर दी है। किसान इस बात से खुश नहीं हैं कि इस साल खरीद की दर पिछले साल के मुकाबले कम है। हमने उनकी समस्याओं को नोट कर लिया है और सरकार को इस बारे में लिख दिया है, अब हम सरकार के निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं।”

यह आंदोलन शुक्रवार को किसानों द्वारा किए गए सड़क जाम के बाद शुरू हुआ है। गुरुवार और शुक्रवार को किसान नेताओं और जिला अधिकारियों के बीच कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया। शनिवार को हुई चर्चाओं के दौरान, जिला प्रशासन के सूत्रों ने बताया कि उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया है कि हनुमानगढ़ जिले के लिए 8 लाख बोरी गेहूं की खरीद क्षमता तय की जाएगी, जबकि पड़ोसी जिले श्रीगंगानगर को 11 लाख बोरी की क्षमता मिलेगी। उन्होंने कहा कि खरीद तब तक जारी रहेगी जब तक ये लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते।

जिला प्रशासन ने बाकी मुद्दों को सुलझाने के लिए 10 जून तक का समय मांगा था। किसानों ने चेतावनी दी कि अगर ये वादे पूरे नहीं किए गए, तो किसान 10 जून को जिला कलेक्ट्रेट पर फिर से विरोध प्रदर्शन शुरू करेंगे।

गेहूं और खेती के उत्पादन में बढ़ोतरी हुई

इस साल यह मुद्दा इसलिए भी अहम हो गया है क्योंकि जिले में गेहूं की खेती और उत्पादन, दोनों में ही बढ़ोतरी हुई है। किसान मेगाराम सिंह के अनुसार, गेहूं की खेती का रकबा लगभग छह प्रतिशत बढ़ा है और कुल उत्पादन पिछले साल के मुकाबले ज्यादा है। हालांकि, किसानों का तर्क है कि अधिकारियों द्वारा तय किया गया खरीद लक्ष्य बढ़े हुए उत्पादन को संभालने के लिए काफी नहीं है, जिससे हजारों किसान अपनी फसल के भविष्य को लेकर चिंतित हैं।

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