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हंदवाड़ा हिंसा: लड़की की ‘हिरासत’ पर हाईकोर्ट सख़्त, जम्मू-कश्मीर पुलिस से जवाब-तलब

16 साल की लड़की की मां ताज बेगम ने शनिवार को उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर अपनी बेटी और दो दूसरे परिजनों की पुलिस की ‘अवैध हिरासत’ से रिहाई की मांग की।
Author बिफरा | April 16, 2016 21:08 pm
तीन युवकों की हत्या के विरोध में नकाब पहने एक कश्मीरी मुस्लिम युवक पुलिसवालों पर पत्थर फेंकता हुआ। (पीटीआई फोटो)

जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय ने शनिवार (16 अप्रैल) को राज्य पुलिस से पूछा कि उसने किस कानून के तहत उस नाबालिग लड़की को हिरासत में लिया जिसका गत मंगलवार को कथित रूप से एक सैनिक ने हंदवाड़ा में यौन उत्पीड़न किया था। इस घटना की वजह से शुरू हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों में पांच लोग मारे गए हैं। 16 साल की लड़की की मां ताज बेगम ने शनिवार को उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर अपनी बेटी और दो दूसरे परिजनों की पुलिस की ‘अवैध हिरासत’ से रिहाई की मांग की। ताज के वकील परवेज इमरोज ने यह जानकारी दी।

इमरोज ने कहा कि न्यायमूर्ति एम एच अतर ने राज्य को नोटिस जारी करने के अलावा हंदवाड़ा के पुलिस अधीक्षक और संबंधित पुलिस थाने को निर्देश दिया कि वे अदालत को बताएं कि उन्होंने किस कानून के तहत नाबालिग लड़की, उसके पिता और उसकी मौसी को 12 अप्रैल की घटना के बाद से हिरासत में रखा हुआ है। उन्होंने कहा कि अदालत ने पुलिस को लड़की को बयान दर्ज कराने के लिए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने का भी निर्देश दिया।

इमरोज ने कहा, ‘‘अदालत ने यह भी कहा कि लड़की के पिता और उसकी मौसी को प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के सामने पेश होने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।’’ उन्होंने कहा कि मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 अप्रैल की तारीख तय की गयी है।

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