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वाराणसी में कचहरी परिसर में ग्रेनेड मिलने से हड़कंप

सुबह करीब 9:40 मिनट पर परिवार अदालत के नजदीक पॉलिथीन में लपेटा हुआ एक हैंड ग्रेनेड मिला। इसके बाद पूरे इलाके को खाली कराया गया।

Author वाराणसी | April 24, 2016 1:17 AM
गृह मंत्री राजनाथ सिंह के वाराणसी दौरे ले पहले जिला कोर्ट में मिला हैंड ग्रेनेड, डिफ्यूज करने के बाद पुलिस ने की इलाके की जांच।

कैंट थाना के तहत कचहरी परिसर में शनिवार की सुबह कचहरी खुलते ही साफ सफाई के दौरान एक संदिग्ध थैला पेड़ के नीचे पाए जाने पर वकील व वादकारों के बीच हड़कंप की स्थिति बन गई। आनन-फानन में वहां पुलिस पहुंच कर कचहरी परिसर को खाली कराकर चेकिंग अभियान चलाया। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र होने के नाते पुलिस खुफिया विभाग सतर्क हो गया। बाद में पुलिस ने बम निरोधक दस्ते को बुलाकर संदिग्ध थैले की जांच कराने पर ग्रेनेड का शक्तिशाली बम बरामद किया। बम डिस्पोजल दस्ते ने बम को निष्क्रिय कर दिया।

सूत्रों के अनुसार कचहरी पुलिस चौकी के सामने गेट नं 2 के पास निम के पेड़ के समीप कचहरी खुलने के दस मिनट पहले सफाईकर्मी ने प्लास्टिक में लिपटा संदिग्ध वस्तु देखा और पुलिस को इसकी सूचना दी। बम जांचने वाली मशीन को पुलिस ने जैसे ही प्लास्टिक थैले के पास ले गया मशीन ने तीव्र विस्फोटक के संकेत दिए। मौके पर कमिश्नर नितीन रमेश गोकर्ण, आइजी एसके भगत, डीएम राजमणि यादव, एसएसपी आकाश कुलहरी मौके पर पहुंच गए। एसएसपी ने दो सौ मीटर के इलाके से लोगों को बाहर निकाल दिया। इस दौरान बम एक्सपर्ट ने थैला खोला तो उसमें सेना के इस्तेमाल में आने वाली शक्तिशाली हैंडग्रेड मिला। परिसर में अन्य बमों की संभावनाओं को देखते हुए परिसर व न्यायालय में चेकिंग अभियान की मुहिम शुरू की गई।

एसएसपी ने बताया कि काशी में आतंकी घटनाओं को देखते हुए अब प्रतिदिन सघन अभियान कचहरी, गंगाघाट मंदिरों व रेलवे स्टेशनों पर चलाए जाने का निर्देश दिया है। सूत्रों के अनुसार कचहरी में जिंदा बम मिलने व आतंकी साजिश की संभावना को देखते हुए पुलिस अब भीड़भाड़ वाले इलाके में सीसीटीवी कैमरे व ड्रोन कैमरे की सहायता से नजर रखेगी। लोगों का कहना है कि यदि ग्रेनेड का शक्तिशाली धमाका होता तो बड़ा हादसा होता। इसके पहले भी 2007 शनिवार को कचहरी में ही आतंकी ब्लास्ट हुआ था जबकि 23 अपै्रल 2016 को कचहरी में ब्लास्ट की घटना होने से बच गया।

काशी में 2005 से आतंकी टारगेट बनाए हुए हैं। सूत्रों के अनुसार हाल ही में गुजरात के रास्ते घुसे 10 आतंकियों के सूचना के बाद दिल्ली, गुजरात समेत देश के धार्मिक शहरों में सुरक्षा एजंसयों ने अलर्ट जारी कर सतर्कता बरतने को कहा है।

2005 को दशाश्वमेध घाट गंगा आरती के समय शाम को आतंकी विस्फोट में 7 लोगों की मौत हो गई व कई दर्जन घायल हो गए। 28 जुलाई 2005 को वाराणसी-जौनपुर के बीच श्रमजीवी ट्रेन में विस्फोट हुआ था जिसमें पांच लोग मारे गए थे और दर्जनों घायल हुए थे। 7 मार्च 2006 को संकटमोचन मंदिर परिसर व कैंट रेलवे पर आतंकी धमाके से 18 लोग मारे गए और 5 दर्जन लोग घायल हुए थे।

2007 को कचहरी में दो जगह आतंकी धमाके हुए जिसमें 9 लोग मारे गए और 50 लोग घयल हुए थे। 7 सितंबर 2010 को शीतलाघाट पर बम धमाका हुआ जिसमें दो साल की मासूम बच्ची व एक महिला की मौत हो गई थी और 40 लोग घायल हुए थे।

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