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पाकिस्तान से लौटे हामिद ने बयां किया दर्द- खुफिया एजेंसी ने किया खूब टॉर्चर, बाईं आंख भी खराब कर दी

पाकिस्तान से वापस लौटे हामिद अंसारी ने सुषमा स्वराज से कहा कि वह दोबारा से आम जिंदगी शुरू करना चाहते हैं, नौकरी करना चाहते हैं और शादी भी कर सकते हैं।

Author December 20, 2018 9:40 AM
पाकिस्तान से लौटने के बाद अपनी मां से मिलते हामिद निहाल अंसारी। (Photo: PTI)

छह साल पाकिस्तान की जेल में सजा काटकर हामिद नेहाल अंसारी आखिरकार मंगलवार को भारत लौट आए। सोशल मीडिया के जरिए एक लड़की के प्यार में पड़ने के बाद वह गैरकानूनी ढंग से अफगानिस्तान के रास्ते पाकिस्तान चले गए थे। सूत्रों के मुताबिक, लौटने के बाद हामिद ने बुधवार को अपनी मां के साथ विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात की और उन्हें बताया कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों ने उनको खूब टॉर्चर किया। इसकी वजह से उनकी बाईं आंख भी खराब हो गई। उन्होंने यह भी बताया कि पाकिस्तान में डॉक्टरों ने उनका इलाज किया।

सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान में अपने साथ किए गए बर्ताव के बारे में याद करते हुए हामिद ने बताया कि गिरफ्तार किए जाने और पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा पूछताछ के बाद उन्हें शुरुआत में अकेले में बंदी बनाकर रखा गया था। हामिद को अपने बुजुर्ग घरवालों को छोड़कर जाने के फैसले पर मलाल भी है। अंसारी ने सुषमा स्वराज से कहा कि वह दोबारा से आम जिंदगी शुरू करना चाहते हैं, नौकरी करना चाहते हैं और शादी भी कर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, सुषमा और हामिद की मां की मुलाकात बेहद भावनात्मक रही। मां ने विदेश मंत्री को बार-बार शुक्रिया कहा। वहीं, विदेश मंत्रालय की ओर से भी अंसारी, उनकी मां फौजिया की विदेश मंत्री से मुलाकात का एक वीडियो जारी किया गया।

वीडियो में हामिद की मां कहती नजर आती हैं, ‘मेरा भारत महान, मेरी मैडम महान, सब मैडम ने ही किया है।’ स्वराज ने रोती फौजिया को ढांढस बंधाया और हामिद से कहा कि उन्होंने बेहद मुश्किल वक्त का सामना किया है। बता दें कि मुंबई के रहने वाले अंसारी पेशावर सेंट्रल जेल में जासूसी के आरोप में बंद थे। अपनी सजा काटने के बाद मंगलवार को वह अटारी-वाघा बॉर्डर के जरिए भारत लौटे।

दिल्ली पहुंचने के बाद उन्होंने कहा, ‘भारत वापस आकर अच्छा महसूस कर रहा हूं। मैं इस वक्त बेहद भावुक हूं।’ अंसारी कथित तौर पर 12 नवंबर 2012 को अफगानिस्तान के रास्ते पाकिस्तान में दाखिल हुए। वह वहां उस लड़की से मिलने पहुंचे थे, जिससे उनकी सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती हुई थी। 2015 में पाकिस्तान की एक अदालत ने फर्जी पाकिस्तानी पहचान पत्र रखने के मामले में 3 साल कैद की सजा सुनाई थी।

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