Pahalgam Attack: पहलगाम आतंकी हमले से जुड़े मामले में जम्मू की NIA कोर्ट ने पाकिस्तान से लश्कर-ए-तैय्यबा का आतंकी संगठन चलाने वाला मास्टरमाइंड हाफिफ सईद के खिलाफ गैर जमानती वॉरंट जारी किया है। वॉरंट में हाफिज सईद को को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सरगोधा का निवासी बताया गया है।

NIA ने हाफिज सईद के खिलाफ ओपन डेटेड वाला गैर-जमानती वारंट जारी करने की मांग की थी। एनआईए द्वारा हाफिज सईद के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल करने के दो दिन बाद यह वारंट 8 जुलाई को एनआईए न्यायालय के विशेष न्यायाधीश द्वारा वारंट जारी किया गया था।

NIA कोर्ट ने क्या कहा?

जम्मू की NIA कोर्ट ने कहा, “निष्पक्ष, पूर्ण और प्रभावी जांच के लिए आरोपी (सईद) की गिरफ्तारी और हिरासत में पूछताछ आवश्यक है। अतः उसके विरुद्ध गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाता है और इसे कानून के अनुसार निष्पादन के लिए उप महानिरीक्षक (डीआईजी), एनआईए जम्मू को भेजा जाता है।”

अदालत के इस आदेश से हाफिज सईद के खिलाफ, उसकी गैरमौजूदगी में भी उसके खिलाफ मुकदमा चलाने का रास्ता साफ हो गया है। एनआईए अदालत में दायर पूरक आरोपपत्र में जांच एजेंसी ने 76 साल के हाफिज सईद पर प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैबा (एलईटीटी) संगठन और उसके सहयोगी मोर्चे, प्रतिरोध मोर्चा (टीआरएफ) के प्रमुख के रूप में व्यक्तिगत क्षमता और अन्य दोनों ही मामलों में आरोप लगाए हैं।

पहलगाम हमले में अहम भूमिका

हाफिज सईद पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा पूरक आरोपपत्र में, एनआईए ने हमले की जगह से एकत्र किए गए अतिरिक्त फोरेंसिक साक्ष्यों के अलावा, आतंकी हमले की योजना बनाने और उसकी निगरानी करने में सईद की भूमिका का विशेष रूप से उल्लेख किया है।

भारत-अमेरिका ने घोषित किया है आतंकी

हाफिज सईद को भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका ने वैश्विक आतंकवादी घोषित कर रखा है और उसे 2008 के मुंबई आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड भी माना जाता है। पिछले साल 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम जिले की बैसरन घाटी में आतंकवादियों ने 25 पर्यटकों और एक स्थानीय व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

पिछले साल दिसंबर में दायर पहली चार्जशीट में हमले में सीधे तौर पर शामिल तीन आतंकवादियों के नाम शामिल थे, जिनमें पाकिस्तान का लश्कर का शीर्ष आतंकवादी कमांडर सुलेमान भी शामिल था। पिछले साल जुलाई में सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ के संयुक्त अभियान में तीनों आतंकवादी मारे गए थे।

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जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) का चीफ यासीन मलिक इस वक्त आतंकी फंडिंग मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। उसने एक सनसनीखेज दावा किया है। यासीन ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 2006 में पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के संस्थापक और 26/11 के मास्टरमाइंड हाफिज सईद से मुलाकात के बाद व्यक्तिगत रूप से उसे धन्यवाद दिया था और उसके प्रति आभार व्यक्त किया था। पढ़िए पूरी खबर…