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अरे आप प्रवक्ता मत बनिए न औरंगजेब के- जब शांत नहीं हुए शोएब जमई तो भड़कीं अंजना ओम कश्यप

अश्विनी उपाध्याय ने आगे कहा कि अगर आप ऐसे मंदिरों को भी नहीं सौंप रहे तो साफ है कि आपकी जिद है। और अगर हमें सुप्रीम कोर्ट के कहने पर हमें अधिकार मिला तो आखिर किस बात का भाईचारा, कैसा एहसान?

अरे आप प्रवक्ता मत बनिए न औरंगजेब के- जब शांत नहीं हुए शोएब जमई तो भड़कीं अंजना ओम कश्यप
ज्ञानवापी मस्जिद (फोटो सोर्स: PTI)

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर इन दिनों माहौल खूब गरमाया हुआ है। बता दें कि ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में हुए सर्वे रिपोर्ट आने के बाद सोमवार को इस मामले में वाराणसी की जिला जज की अदालत में सुनवाई पूरी हो गई है। वहीं इसपर अब 24 मई को फैसला आएगा। गौरतलब है कि इस बीच सोशल मीडिया से लेकर टीवी न्यूज चैनल्स पर ज्ञानवापी और औरंगजेब को लेकर जमकर बहस हो रही है।

ज्ञानवापी को लेकर हिंदू पक्ष का दावा है कि वहां पहले मंदिर था, जिसे औरंगजेब ने अपने शासन काल में तुड़वाकर मस्जिद बनवा दिया। इस मुद्दे पर आजतक पर हो रही एक डिबेट में सुप्रीम कोर्ट के वकील अश्विनी उपाध्याय ने कहा कि अगर मुस्लिम पक्ष को लगता है कि देश में भाईचारा, गंगा-जमुनी तहजीब बहुत जरुरी है तो औरंगजेब द्वारा तोड़े गये हजारों मंदिरों की जगह, जिनका जिक्र वेद, पुराण, गीता, रामायण में है, उन मंदिर पर हुए कब्जों को हिंदुओं को सौंप देना चाहिए।

अश्विनी उपाध्याय ने आगे कहा कि अगर आप ऐसे मंदिरों को भी नहीं सौंप रहे तो साफ है कि आपकी जिद बनी है। और अगर हमें उन मंदिरों पर अधिकार सुप्रीम कोर्ट के कहने पर मिलता है तो फिर आखिर किस बात का भाईचारा, कैसा एहसान?

इसपर इस्लॉमिक इस्कॉलर शोएब जमई ने जवाब देते हुए कहा कि औरंगजेब की बात कर रहे हैं, लेकिन मैं बता दूं कि औरंगजेब ने 1683 में ईस्ट इंडिया कंपनी को घुटनों के बल पर दौड़ाकर अंग्रेजों से माफी मंगवाई थी। आखिर आप लोग अंग्रेजों के खिलाफ क्यों नहीं बोलते? शो में शोएब जमई के दावे पर एंकर अंजना ओम कश्यप ने उन्हें रोकने की कोशिश की और कहा कि आप बिना तथ्यों की जानकारी देते हैं।

इसके बाद भी शोएब जमई नहीं रुके। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि औरंगजेब के समय में भारत की जीडीपी दुनिया की एक चौथाई थी। लेकिन ये लोग अंग्रेजों के खिलाफ नहीं बोलते। शोएब जमई के लगातार बोलते रहने पर अंजना ओम कश्यप ने कहा, “आप औरंगजेब पर किताब लिखिए, फिर उसकी प्रमाणिकता देखेंगे। और आप औरंगजेब का प्रवक्ता मत बनिए।”

बता दें कि बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के प्रोफेसर माधव जनार्दन रटाटे का कहना है कि औरंगजेब ने काशी को काफी नुकसान पहुंचाया था। उसने काशी में कृतिवाशेश्वर, बिंदु माधव और विश्वनाथ मंदिर को तोड़कर मस्जिद का निर्माण कराया था।

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