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कांग्रेस ने गुरु गोलवलकर योजना का नाम बदल कर महात्मा गांधी पर रखा

ग्रामीण विकास विभाग के अनुसार पूर्व की भाजपा सरकार के समय ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और रोजगार सृजन व सामुदायिक संपत्तियों के निर्माण और रखरखाव के लिए एक योजना बनाई गई थी। इस योजना का नाम तत्कालीन सरकार ने संघ के विचारक रहे गुरु गोलवलकर के नाम पर रखा था।

ताजा मामला गुरु गोलवलकर के नाम से चल रही जनभागीदारी योजना का है। कांग्रेस सरकार ने अब इस योजना का नाम महात्मा गांधी जन भागीदारी योजना कर दिया है।

राजस्थान में सरकार बदलने के बाद ही योजनाओं के नाम भी बदलने की प्रक्रिया चल रही है। भाजपा सरकार के समय दीनदयाल उपाध्याय और अन्य संघ से जुडे़ लोगों के नाम से चलने वाली योजनाओं के नाम कांग्रेस सरकार ने बदल दिए हैं। ताजा मामला गुरु गोलवलकर के नाम से चल रही जनभागीदारी योजना का है। कांग्रेस सरकार ने अब इस योजना का नाम महात्मा गांधी जन भागीदारी योजना कर दिया है।

ग्रामीण विकास विभाग के अनुसार पूर्व की भाजपा सरकार के समय ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और रोजगार सृजन व सामुदायिक संपत्तियों के निर्माण और रखरखाव के लिए एक योजना बनाई गई थी। इस योजना का नाम तत्कालीन सरकार ने संघ के विचारक रहे गुरु गोलवलकर के नाम पर रखा था। प्रदेश में एक साल पहले सत्ता में आने वाली कांग्रेस सरकार ने घोषणा की थी कि भाजपा सरकार के समय की योजनाओं की समीक्षा की जाएगी। इनमें से कई योजनाओं को जनहित में उपयोगी नहीं मान कर बंद करने का निर्णय किया गया।

इसके साथ ही भाजपा ने अपने विचारकों के नाम पर कई योजनाएं चलाई थी। इनमें से कई के नाम बदल दिए गए है। वसुंधरा सरकार के समय की निजी अस्पतालों में इलाज के लिए चलाई जाने वाली भामाशाह कार्ड योजना कांग्रेस सरकार ने बंद कर दी है। इसके स्थान पर केंद्र की आयुष्मान भारत योजना को राज्य सरकार ने अपना नाम देकर नए सिरे से शुरू किया है। इस योजना का नाम आयुष्मान भारत महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य योजना किया गया है।

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