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गुरमेहर कौर विवाद: खेल मंत्री विजय गोयल का जावेद अख़्तर को जवाब, अपने खिलाड़ियों पर देश को गर्व है

गुरमेहर कौर की आलोचना करने वाले खिलाड़ियों को जावेद अख्तर ने अनपढ़ बताया था।

Author इंदौर | March 3, 2017 7:41 PM
युवा एवं खेल मामलों के पूर्व मंत्री विजय गोयल। (फाइल फोटो)

केंद्रीय खेल मंत्री विजय गोयल बुधवार (1 मार्च) को दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा गुरमेहर कौर की आलोचना करने वाले खिलाड़ियों के पक्ष में खड़े हो गए। उन्होंने कहा कि अपने खिलाड़ियों पर देश को गर्व है और उनके साथ ‘निरक्षरों’ जैसा व्यवहार नहीं करना चाहिए। गोयल ने ट्वीट किया, ‘‘हमारे खिलाड़ियों को अनपढ़ ना कहें। आप अपने क्षेत्र के महारथी हैं और वे अपने क्षेत्र के। भारत को उन पर गर्व है।’ उनका यह ट्वीट गीतकार जावेद अख्तर की टिप्पणी के जवाब में आया है जिसमें उन्होंने लिखा था, ‘मुश्किल से पढ़ा लिखा कोई खिलाड़ी या पहलवान शहीद की शांतिप्रिय बेटी को ट्रोल करता है तो यह समझ में आता है लेकिन पढ़े-लिखे लोगों को क्या हो गया है।’

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ समर्थित छात्र संगठन एबीवीपी के खिलाफ सोशल मीडिया पर अपने रुख और भारत तथा पाकिस्तान के बीच शांति की वकालत को लेकर अपने वीडियो अभियान की वजह से 20 वर्षीय गुरमेहर को सोशल मीडिया पर काफी तीखी टिप्पणियों का सामना करना पड़ा था। पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी वीरेंद्र सहवाग, ओलंपिक पुरस्कार विजेता योगेश्वर दत्त, पहलवान बहनें गीता और बबीता फोगाट तथा उनके पिता महावीर फोगाट ने सोशल मीडिया के जरिए गुरमेहर के विचारों पर सवाल उठाऐ थे जिसके बाद जानेमाने गीतकार जावेद अख्तर ने यह टिप्पणी की।

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दत्ता ने अख्तर की टिप्पणियों की आलोचना करते हुए कहा है, ‘आपने कविताएं और कहानियां लिखी होंगी लेकिन हमने भी विश्व मंच पर भारत के लिए इतिहास रचा है।’ उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘देशभक्त या शहीद होने के लिए या इससे जुड़ी किसी बात पर अपनी राय देने के लिए बहुत ज्यादा पढ़ा लिखा होना जरूरी नहीं है। मुझे जो सही लगा मैंने कहा, इसका मेरी शिक्षा से कोई लेनादेना नहीं है।’ गुरमेहर कौर के समर्थन में आज (बुधवार, 1 मार्च) क्रिकेटर गौतम गंभीर आए, वहीं छात्रा का मजाक उड़ाने पर हो रही आलोचना के बाद वीरेंद्र सहवाग रक्षात्मक हो गए हैं।

इस मामले पर कड़ा रुख लेते हुए गंभीर ने ट्वीट कर कहा कि ‘युद्ध की भयावहता’ को लेकर शहीद की बेटी गुरमेहर के नजरिये का मजाक उड़ाना या ‘गोलबंदी करना’ बेहद ‘घृणित’ था। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पूर्ण और सभी के लिए है। इस मुद्दे पर गंभीर की राय पूर्व क्रिकेटर सहवाग के नजरिये से बिल्कुल अलग है। यह संयोग है कि दोनों ने लंबे समय तक टीम इंडिया के लिए साथ पारी की शुरुआत की है। सहवाग ने कई ट्वीट कर खुद का बचाव करते हुए दावा किया कि कौर के पोस्ट के जवाब में सोशल मीडिया पर किया गया उनका पोस्ट ‘एक मजाक का प्रयास’ था ना कि किसी की राय को लेकर उसको धमकाना। उन्होंने कहा कि सहमति और असहमति भी कोई कारक नहीं थी।

सहवाग ने ट्वीट किया कि उसे (गुरमेहर) को अपनी राय व्यक्त करने का पूरा हक है और यदि कोई हिंसा या दुष्कर्म की धमकी देता है तो यह जिंदगी का निम्नतम स्तर है। हर व्यक्ति को बिना किसी डर या धमकी के अपने विचार रखने का हक है। वह चाहे गुरमेहर कौर हो या फोगाट बहनें।’ गंभीर ने अपने बयान में कहा कि उनके दिल में भारतीय सेना के लिए बेहद सम्मान है, हालांकि हालिया घटनाओं ने उन्हें निराश किया है।

उन्होंने कहा, ‘हम एक स्वतंत्र देश में रहते हैं जहां हर किसी को अपनी राय रखने का हक है। अपने पिता को खोने वाली कोई बेटी अगर शांति की मंशा से युद्ध की भयावहता को लेकर पोस्ट करती है तो उसे ऐसा करने का पूरा हक है।’ गंभीर ने कहा, ‘ये हर किसी के लिए यह दिखाने का मौका नहीं है कि वो कितना देशभक्त है या उसका मजाक उड़ाने के लिए वह एक साथ आ जाएं। हर नागरिक की तरह उसे भी अपनी राय रखने का हक है। हर कोई उससे सहमत हो भी सकता है और नहीं भी हो सकता है लेकिन इसके लिए उसका मजाक उड़ाना घृणित है।’

 

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