ताज़ा खबर
 

अंशुल छत्रपति बोले,15 साल पहले मां का सुहाग उजाड़ने वाला राम रहीम आज खुद उजड़ गया

Baba Ram Rahim Singh Case: बलात्कारी बाबा राम रहीम को सीबीआई कोर्ट द्वारा बीस साल की सजा दिए जाने पर लोग अपनी खुशी तो जता रहे हैं लेकिन वो ये भी चाह रहे हैं कि उसे फांसी की सजा दी जाती तो ज्यादा बेहतर होता।

रेप केस में दोषी डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के लिए सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने सजा का ऐलान कर दिया है।

रेप केस में दोषी डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के लिए सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने सजा का ऐलान कर दिया है। उसे दो अलग-अगल मामलों में बीस साल की सजा सुनाई गई है। सजा पर बहस पूरी होने के बाद राम रहीम जज के सामने रहम की भीख मांगने लगा। इस केस की सुनवाई के लिए रोहतक जेल के अंदर कोर्ट रूम बनाया गया था। बलात्कारी बाबा राम रहीम को सीबीआई कोर्ट द्वारा बीस साल की सजा दिए जाने पर लोग अपनी खुशी तो जता रहे हैं लेकिन वो ये भी चाह रहे हैं कि उसे फांसी की सजा दी जाती तो ज्यादा बेहतर होता। खुद बलात्कारी राम रहीम के वकील ने न्यूज एंजेसी एएनआई को बताया, ‘हम पूरे फैसले को विस्तार से पढ़ेंगे और हाईकोर्ट में अपील करेंगे। कोर्ट ने राम रहीम को अलग-अलग मामलों में दस-दस साल की सजा सुनाई है। 30 लाख का जुर्माना लगाया है। राम रहीम को कुल बीस साल की सजा दी गई है जो उसे लगातार नहीं काटनी होगी।’

बलात्कारी बाबा के वकील एसके नरवाना ने आगे बताया कि राम रहीम को धारा 376 और 506 के तहत ये सजा सुनाई गई है। दूसरी तरफ बलात्कारी बाबा के कारनामों का पर्दाफाश करने वाले पत्रकार राम चंदेर छत्रपति के बेटे अंशुल छत्रपति ने फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया दी हैं। उन्होंने कहा है कि राम रहीम समाज का दुश्मन है। खुद मेरे पिता ने उसके काले कारनामों का खुलासा किया था लेकिन लोगों तब यकीन नहीं किया था। मगर आज सच सबके सामने है। अंशुल छत्रपति कहते हैं, ‘राम रहीम ने करीब 15 साल पहले मेरी मां का सुहाग उजाड़ दिया था। मगर आज वो खुद उजड़ गया। मैंने पिता के हत्यारों को सजा दिलवाने के लिए लंबी लड़ाई लड़ी है। बलात्कारी बाबा को सजा सुनाने वाले जज को मैं सलाम करता हूं।’

जानकारी के लिए बता दें कि सीबीआई कोर्ट में रेप केस के अलावा राम रहीम पर पत्रकार राम चंदेर छत्रपति की हत्या से जुड़ा मामला भी चल रहा था। चंदेर छत्रपति वहीं पत्रकार हैं जिन्होंने सिरसा में हुए दो साध्वियों के साथ रेप की खबर अपने अखबार ‘पूरा सच’ में छापी थी। इस खबर के छपने के बाद 24 अक्टूबर, 2002 को छत्रपति के घर के बाहर कुछ अज्ञात लोगों ने गोलियों से भूनकर उनकी हत्या कर दी।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App