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बाबा राम रहीम ने जारी किया वीडियो, पंचकुला पहुंचे समर्थकों से की घर वापस जाने की अपील

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह ने हाल ही एक वीडियो जारी किया है, जिसमें वें अपने समर्थकों को घर वापस जाने को बोल रहे हैं।

राम रहीम ने जारी किया वीडियो

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह ने हाल ही एक वीडियो जारी किया है, जिसमें वें अपने समर्थकों को घर वापस जाने को बोल रहे हैं। बाबा राम रहीम इस वीडियो में अपने समर्थकों से घर वापस जाने और कानून का पालन करने की अपील कर रहे हैं।  इस वीडियो में बाबा अपने समर्थकों से कह कह रहे हैं कि वे सभी कानून का सम्मान करें और शांति बनाए रखें। लेकिन समर्थक हैं कि मान ही नहीं रहे वे देर रात तक पंचकुला की सड़कों पर बैठे हैं। महिलाओं से लेकर बच्चे भी पंचकुला पहुंच गए हैं। मीडिया वालों ने जब बाबा के समर्थकों को वापस जाने को कहा कि उन्होंने साफ तौर पर मना करते हुए कहा कि वे कुछ गलत काम नहीं कर रहे हैं। समर्थक बाबा के लिए अपनी जान की बाजी लगाने को भी तैयार हैं। समर्थकों का कहना है कि वे तब तक घर वापस नहीं जाएंगे जब तक उन्हें बाबा के दर्शन नहीं होंगे।

बता दें कि बाबा राम रहीम के खिलाफ दायर यौन उत्पीड़न के एक मामले में कोर्ट 25 अगस्त यानी आज फैसला सुनाया जाएगा।। इस दौरान कोर्ट में उनकी पेशी के चलते कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हरियाणा में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। बड़ी तादाद में गुरमीत राम रहीम सिंह के समर्थक हरियाणा के पंचकुला पहुंच रहे हैं, जिसकी वजह से पुलिस-प्रशासन ने कई इंतजाम किए हैं। वहीं राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए न्यायपालिका ने भी चिंता जताई है और सख्त हिदायतें दी हैं। न्यायपालिका नहीं चाहती कि राम रहीम सिंह की पेशी के दौरान हिंसा का ऐसा माहौल खड़ा हो जाए, जो जाट अरक्षण आंदोलन के समय देखने को मिला था।

कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने हरियाणा की बीजेपी सरकार को कड़ी हिदायत दी है और केंद्र सरकार से भी अतिरिक्त बलों की तैनाती करने और कड़े कदम उठाने को कहा है। कोर्ट ने केंद्र सरकार से सख्त लहजे में कहा है, “अगर उचित कदम नहीं किए उठाएंगे तो हम सेना को निर्देश देंगे।” कोर्ट की इस सख्त हिदायत के बाद केंद्र सरकार ने कोर्ट को आश्वासन दिया है कि सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। कोर्ट ने यह भी कहा कि वह नहीं चाहता दोबारा जाट आरक्षण आंदोलन के समय हुई हिंसा जैसे हालात राज्य में बने। इसके अलावा कोर्ट ने इंटेलिजेंस विभाग से भी राज्य सरकार को जरूरी जानकारी मुहैया कराने को कहा है।

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