जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर एक जानलेवा हमला हुआ था। 70 वर्षीय कमल सिंह ने उन पर बंदूक तान दी थी। इस घटना के बाद से ही फारूक अब्दुल्ला की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हो गए थे। अब इस मामले की जांच के लिए एसआईटी (SIT) का गठन कर दिया गया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सात सदस्यों की एक टीम बनाई है।
जम्मू जोन के पुलिस महानिरीक्षक भीम सेन टूटी ने इसे लेकर एक आदेश जारी किया है। एसआईटी का नेतृत्व एसएसपी संजय शर्मा करेंगे। एसआईटी के अन्य सदस्यों में शाद हुसैन राथर (एसपी मुख्यालय, जम्मू), अरविंद कुमार संब्याल (डीएसपी, आरपीएचक्यू, जम्मू), इंस्पेक्टर सरूप सिंह (आरपीएचक्यू, जम्मू), इंस्पेक्टर संजीव चिब (एसएचओ, गंग्याल) तथा इंस्पेक्टर परमीत सिंह और शारिक मजीद शामिल हैं। जांच टीम को तय समय में तफ्तीश को पूरा करना होगा।
इस मामले की बात करें तो पुलिस ने आरोपी कमल सिंह से विस्तृत पूछताछ की है। फारूक अब्दुल्ला पर गोली चलाने की कोशिश को लेकर आरोपी ने सिर्फ इतना कहा कि यह उसका पर्सनल एजेंडा था और वह पिछले 30 वर्षों से इसकी कोशिश कर रहा था।
जानकारी के अनुसार, फारूक अब्दुल्ला एक शादी समारोह में गए थे। इसी दौरान अचानक आरोपी ने उन पर बंदूक तान दी। वहां मौजूद लोगों ने आरोपी को तुरंत पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी। घटना का वीडियो भी सामने आया है। बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को हिरासत में ले लिया।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इस घटना पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि वह अल्लाह का शुक्रिया अदा करते हैं कि उनके पिता सुरक्षित हैं। हालांकि उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि जब पूर्व मुख्यमंत्री को Z+ की सुरक्षा मिली हुई थी, तो फिर इस तरह का हमला कैसे हो गया। आरोपी कमल को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं। आखिर वो है कौन, यह जानने के लिए यहां क्लिक करें
