आइएस से नहीं की आरएसएस की तुलना : आजाद

शनिवार को गुलाम नबी आजाद द्वारा कथित तौर पर आरएसएस की तुलना आईएसआईएस से किए जाने का मामला राज्‍यसभा में उठा तो आजाद ने एक सीडी लहराते हुए भाजपा सांसदों से कहा- किसी कमरे में जाइए और इसे सुन कर आईए।

Ghulam Nabi Azad, Ghulam Nabi Azad Shiv sena, Note ban Shiv sena, Shiv sena Saamana, Ghulam Nabi Azad News, Note ban Death, Note ban Uri Attackराज्यसभा में कांग्रेस के नेता गुलाब नबी आजाद (फाइल फोटो)।

राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद के आरएसएस की तुलना आतंकवादी संगठन आइएसआइएस से किए जाने के कथित बयान पर सोमवार को उच्च सदन में सत्ता पक्ष और कांगे्रस सदस्यों के बीच तीखी तकरार हुई। सत्ता पक्ष ने जहां आजाद से इसके लिए माफी मांगने को कहा, वहीं नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया।

सदन में शून्यकाल के दौरान संसदीय कार्य राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आरक्षण मुद्दे पर सरकार का पक्ष रखते हुए आजाद के बयान का उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि आजाद ने आरएसएस की तुलना आइएसआइएस से की है। उन्होंने कहा कि इसके लिए आजाद को आरएसएस और देश से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की ग्रांड ओल्ड पार्टी (कांगे्रस) की ब्रांड न्यू पालिसी है कि आतंकवादियों को फूलों का गमला और राष्ट्रवादियों पर हमला।

इसके बाद आजाद ने सदन में अपने भाषण के दो पृष्ठ पढ़कर सुनाए जिसको लेकर यह विवाद पैदा हुआ है। उन्होंने कहा कि वे अपने भाषण की सीडी सदन के पटल पर रखने और सदन के नेता को देने को तैयार हैं ताकि सत्ता पक्ष के सदस्य और मंत्री इससे सुनकर यह तय कर सकें कि उनकी बात को गलत तरह से तोड़ मरोड़कर पेश किया गया है। उन्होंने दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद का नाम लेकर कहा कि यदि उनके भाषण की सीडी सुनने के बाद उसमें कुछ भी गलत लगता है तो वे उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव ला सकते हैं। वे इस प्रस्ताव का सामना करने को तैयार हैं।

आजाद ने अपने भाषण के अंश को पढ़ते हुए कहा कि यह हिंदू-मुसलमानों की लड़ाई नहीं है। यह नजरिए और सोच की लड़ाई है। उन्होंने कहा, ‘हम आइएसआइएस जैसे संगठनों का उतना ही विरोध करते हैं जितना कि आरएसएस का करते हैं।’ उन्होंने यह भी कहा था कि यदि कोई इस्लाम में कुछ गलत करता है तो हम उसका उतना ही विरोध करते हैं जितना कि आरएसएस का। आजाद ने कहा कि उनके इस बयान में कोई तुलना नहीं की गई है। यदि मैं यह कहता कि आइएसआइएस और आरएसएस समान हैं, तो वह तुलना होती।

सदन के नेता और वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा, ‘मैं आजाद साहब की व्यक्तिगत रूप से इज्जत करता हूं। उनसे एक तहजीब की अपेक्षा रहती है।’ उन्होंने कहा, ‘यदि उनसे (आजाद से) जाने अनजाने में कुछ फिसल गया है तो उसे मान लेना चाहिए। आइएसआइएस क्या है, इसकी स्पष्ट कल्पना सबको है। आइएसआइएस दुनिया में अराजकता फैला रहा है और महिलाओं के साथ बलात्कार कर रहा है। यह बात उनके दस्तावेजों से भी स्पष्ट हो जाती है। जेटली ने कहा, ‘आप (आजाद) आइएसआइएस को सम्मानजनक बना रहे हैं।’

इस बीच कांग्रेस और भाजपा के कई सदस्यों के बीच आरएसएस संबंधी आजाद के बयान को लेकर आरोप-प्रत्यारोप लगते रहे। हंगामे के बीच नकवी ने कहा, ‘जाने-अनजाने में यदि कुछ फिसल गया है (आजाद से) तो उन्हें माफी मांग लेनी चाहिए।’

राज्यसभा में कांग्रेस के सदस्यों ने आसन के समक्ष आकर विजय माल्या और ललित मोदी को देश में वापस लाने की मांग के साथ नारे भी लगाए। वहीं लोकसभा में भाजपा के अश्विनी कुमार चोपड़ा ने संघ पर कांगे्रस नेता आजाद के बयान पर सदन में चर्चा कराने की मांग की। भाजपा के अन्य सदस्यों को भी इस मामले में आजाद से माफी की मांग करते सुना गया। लोकसभा अध्यक्ष ने सदस्यों से अपनी मांग के लिए नोटिस देने को कहा।

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