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गुजरात का दंगा…दंगा है, और मुजफ्फरनगर दंगा आजम खान की खेल-कूद प्रतियोगिता : अमर सिंह

सिंह बोले, "आज मैं व्याकुल हूं। धर्मनिरपेक्षता और सांप्रदायिकता का भेद लुप्त हो गया है। हम गुजरात दंगे की बात करते हैं और करनी चाहिए। हमारी बात छोड़ें, स्मृति ईरानी ने भी अपने वक्त में ये किया था।"

राज्यसभा सांसद अमर सिंह। (एक्सप्रेस फोटोः अमित मेहरा)

समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता और राज्यसभा सांसद अमर सिंह ने कहा है कि गुजरात का दंगा…दंगा है, जबकि मुजफ्फरनगर का दंगा आजम खान की खेल-कूद प्रतियोगिता है। उन्होंने इसी के साथ कहा कि आज के दौर में धर्मनिरपेक्षता और सांप्रदायिकता के बीच का अंतर गायब हो चुका है। सिंह की ये टिप्पणी सांप्रदायकिता को लेकर विपक्ष के व्याकुलता के माहौल वाले आरोप पर आई।बुधवार (15 अगस्त) को सिंह हिंदी चैनल आजतक पर एक कार्यक्रम में आए थे। टीवी चर्चा के दौरान एंकर अंजना ओम कश्यप ने उन्हें बोलने के लिए कहा।

सिंह ने इस पर बताया, “आज मैं व्याकुल हूं। पूरे परिप्रेक्ष्य में धर्मनिरपेक्षता और सांप्रदायिकता का भेद लुप्त हो गया है। हम गुजरात दंगे की बात करते हैं और करनी चाहिए। हमारी बात छोड़िए, स्मृति ईरानी ने भी अपने वक्त में ये किया था। लेकिन मेरा सवाल है- मुजफ्फनगर में ऐसे भयंकर दंगे हुए, जिससे गुजरात शर्मसार हो जाए।”

बकौल सांसद, “मुजफ्फरनगर में आजादी की लड़ाई के बाद जब हिंदू-मुस्लिम दंगे हुए तब भी वहां दंगे न हुए, क्योंकि वहां की सामाजिक संरचना हिंदू-मुस्लिम पर आधारित है। लेकिन वहां वे गाजर-मूली की तरह काटे गए।”

उनके मुताबिक, “अब ये धर्मनिरपेक्षता और सांप्रदायिकता की नई परिभाषा क्या है कि गुजरात का दंगा…दंगा है और मुजफ्फपुर दंगा आजम खान के नेतृत्व में खेल-कूद प्रतियोगिता है। आज जो ये व्याकुलता की बात कर रहे है, हम लोग मोदी जी की बात कर रहे हैं कि क्या सच है और क्या झूठ। उसी संदर्भ में जानना जरूरी है कि पूरी राजनीति का आधार ही इसे बनाया गया है।”

कार्यक्रम में देखें आगे क्या हुआ

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