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गुजरात: कांग्रेस के हाथ से फिसली अहमद पटेल के निधन से खाली हुई राज्यसभा सीट, भाजपा का कब्जा; जानिए क्या रहे समीकरण

कांग्रेस नेता अहमद पटेल और बीजेपी के राज्यसभा सांसद अभय भारद्वाज के निधन से दोनों सीटें खाली हुई थी। राज्यसभा में अहमद पटेल का कार्यकाल साल 2023 के अगस्त महीने तक था

congress , ahmed patel , gujratकांग्रेस के दिवंगत नेता अहमद पटेल (एक्सप्रेस फोटो / रोहित जैन )

गुजरात कोटे से राज्यसभा सांसद रहे कांग्रेस नेता अहमद पटेल के निधन के बाद खाली हुई सीट पर भाजपा का कब्ज़ा हो गया है। इतना ही नहीं भाजपा ने राज्यसभा उपचुनाव की दोनों सीटों पर अपना दबदबा बना लिया है। भाजपा के दिनेश जेमलभाई अनवाडिया और रामभाई हरजीभाई मोकारिया विजयी घोषित किए गए हैं।

कांग्रेस नेता अहमद पटेल और बीजेपी के राज्यसभा सांसद अभय भारद्वाज के निधन से दोनों सीटें खाली हुई थी। राज्यसभा में अहमद पटेल का कार्यकाल साल 2023 के अगस्त महीने तक था वहीँ अभय भारद्वाज का कार्यकाल जून 2026 था। कोरोना महामारी की चपेट में आ जाने की वजह से भाजपा के राज्यसभा संसद अभय भारद्वाज का निधन हो गया था।

इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी को पहले से ही अपने हार का अनुमान था। इसलिए पार्टी की तरफ से कोई भी उम्मीदवार की घोषणा नहीं की गयी थी। दरअसल गुजरात विधानसभा में सदस्यों की कुल संख्या 182 है। जिसमें से 111 भारतीय जनता पार्टी के हैं तो वहीँ कांग्रेस के विधायकों की संख्या 65 है। इसलिए कांग्रेस के पास एक सीट जीतने लायक भी वोट नहीं था। साथ ही इस चुनाव में भाजपा की तरफ से दो डमी कैंडिडेट भी उतारे गए थे। भाजपा के डमी कैंडिडेट रहे रजनीकांत पटेल और किरीट सोलंकी ने शनिवार को अचानक से अपना नामांकन वापस ले लिया था।

इस चुनाव में भाजपा के दोनों उम्मीदवारों के सामने किसी भी पार्टी का कोई उम्मीदवार नहीं था। हालाँकि शुरू में दो डमी उम्मीदवारों ने अपना नामांकन भरा था। वैसे वोटिंग की स्थिति में चुनाव आयोग ने मतदान के लिए 1 मार्च की तारीख रखी थी। लेकिन ऐन वक्त पर दोनों डमी कैंडिडेट के द्वारा नामांकन वापस लिए जाने पर भाजपा के दोनों उम्मीदवार दिनेश अनवाडिया और राम मोकारिया को विजयी घोषित कर दिया गया।

आपको बता दूँ कि 2017 में गुजरात कोटे से राज्यसभा सीट के लिए हुए चुनाव में कांग्रेस के दिवंगत नेता अहमद पटेल को हराने के लिए तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने एड़ी चोटी का जोर लगा दिया था। लेकिन अहमद पटेल एक वोट से चुनाव जीत गए थे।

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