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गुर्जरों की वजह से जयपुर-आगरा हाइवे और कई अन्य मार्गों पर हुआ यातायात ठप

राजस्थान में पिछड़ा वर्ग में पांच फीसद विशेष आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलनरत गुर्जरों ने रेल के बाद अब सड़क मार्गों को भी जाम कर दिया है। इससे रविवार को जयपुर-आगरा नेशनल हाइवे पर आवागमन ठप रहा। पुलिस ने गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला समेत दो दर्जन नेताओं पर पुलिस ने कई धाराओं में मामला दर्ज किया है। दूसरी तरफ पहले दौर की वार्ता बेनतीजा रहने के बाद सरकार अब सोमवार को एक बार फिर गुर्जरों से वार्ता कर समस्या के समाधान की कोशिश करेगी।

Author Published on: May 25, 2015 8:39 AM
दौसा में रविवार को जयपुर-आगरा राजमार्ग को जाम करते गुर्जर।

राजस्थान में पिछड़ा वर्ग में पांच फीसद विशेष आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलनरत गुर्जरों ने रेल के बाद अब सड़क मार्गों को भी जाम कर दिया है। इससे रविवार को जयपुर-आगरा नेशनल हाइवे पर आवागमन ठप रहा। पुलिस ने गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला समेत दो दर्जन नेताओं पर पुलिस ने कई धाराओं में मामला दर्ज किया है। दूसरी तरफ पहले दौर की वार्ता बेनतीजा रहने के बाद सरकार अब सोमवार को एक बार फिर गुर्जरों से वार्ता कर समस्या के समाधान की कोशिश करेगी।

राज्य में दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग को भरतपुर जिले के पीलूपुरा में जाम करने के बाद गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति ने आंदोलन को और फैला दिया है। सरकार से वार्ता नाकाम होने के बाद भड़के गुर्जरों ने रविवार को जयपुर-आगरा नेशनल हाइवे को सिकंदरा गांव के पास जाम कर दिया। इससे इस मार्ग पर यातायात बाधित हो गया। सिकंदरा में रोडवेज की बुकिंग खिड़की को आंदोलनकारियों ने आग लगा दी। गुर्जर आंदोलनकारियों ने सवाई माधोपुर-श्योपुर राजमार्ग को भी जाम कर दिया। राजस्थान रोडवेज ने जाम वाले मार्गों पर बसों का संचालन बंद कर दिया। करौली जिले के गुर्जर बहुल इलाकों में भी सड़कें जाम हैं।

गुर्जर नेता कर्नल बैंसला रविवार को सिकंदरा पहुंचे और पिछले आंदोलन में मरे लोगों की श्रद्वांजलि सभा में हिस्सा लिया। इस अवसर पर बैंसला ने गुर्जरों से इस बार आर पार की लड़ाई के लिए तैयार रहने को कहा। उन्होंने कहा कि इस बार आखिरी वार के अंदाज में आंदोलन होना चाहिए। इसके बाद ही गुर्जर युवाओं ने हाइवे को जाम कर दिया। सिकंदरा में पिछले आंदोलन के दौरान 27 गुर्जरों की पुलिस फायरिंग में मौत हो गई थी। सिकंदरा में ही सभा के बाद गुर्जरों के दो गुटों में हिंसक झड़प भी हुई। सिकंदरा में गुस्साए गुर्जरों ने कई दुकानों में तोड़फोड़ के साथ वाहनों पर भी पथराव किया। गुर्जर आंदोलन के कारण आम जनता को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।

गुर्जरों से वार्ता विफल होने के बाद सरकार ने भी आंदोलनकारियों के प्रति सख्ती शुरू कर दी है। पीलूपुरा में रेल मार्ग जाम करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में बैंसला समेत दो दर्जन नेताओं के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके अलावा दो-ढाई हजार लोगों के खिलाफ भी सरकार के खिलाफ संघर्ष छेड़ने, रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाने और यातायात बाधित करने की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। बयाना थाना प्रभारी की तरफ से यह मामला 21 मई को ही दर्ज किया गया था। इसे रविवार को तब सार्वजनिक किया गया जब सरकार से गुर्जरों की वार्ता विफल हो गई।

संघर्ष समिति के प्रवक्ता हिम्मत सिंह ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। गुर्जर आंदोलन अब कई जिलों में फैल रहा है।
दूसरी तरफ सरकार को उम्मीद है कि सोमवार को एक बार फिर से गुर्जर नेताओं से वार्ता हो सकती है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने रविवार को गुर्जरों से वार्ता के लिए बनाई गई मंत्रियों की समिति से जानकारी हासिल की। मंत्रियों ने उन्हें बताया कि सोमवार को होने वाली बातचीत के लिए गुर्जर संघर्ष समिति ने भरोसा दिया है।

मुख्यमंत्री ने आला प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ भी विचार कर हालात की समीक्षा की। सरकारी पक्ष ने सोमवार को होने वाली बातचीत की रणनीति बना ली है। गुर्जरों का दबाव है कि सरकार उन्हें ओबीसी आरक्षण में से ही पांच फीसद अलग से आरक्षण दे। इससे आरक्षण की सीमा पचास फीसद से भी ज्यादा नहीं होगी।

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुर्जर आंदोलन पर वसुंधरा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए। गुर्जरों से बातचीत कर ही समस्या का समाधान निकाला जाना चाहिए।

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