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गुर्जर नेता बैंसला की चेतावनी- लोगों को भड़काने वाला काम न करें, लोग मेरे निर्देशों का कर रहे इंतजार

राजस्थान के सवाईमाधोपुर जिले में शुक्रवार (आठ फरवरी) से गुर्जरों ने पांच फीसदी आरक्षण की मांग को लेकर दिल्ली-मुंबई रूट बाधित कर रखा है।

मीडिया से बात करते हुए गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला।

राजस्थान में पांच फीसदी आरक्षण की मांग पर गुर्जर दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर डटे हैं। गुर्जर समुदाय के इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किरोड़ी सिंह बैंसला के जिम्मे है। सोमवार (11 फरवरी, 2019) को उन्होंने राज्य सरकार को इस बाबत खुली चेतावनी दे डाली। कहा कि सरकार लोगों को भड़काने वाले काम न करे। लोग सिर्फ उनके निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं। बता दें कि शुक्रवार (आठ फरवरी) से गुर्जर सूबे के सवाईमाधोपुर जिले में प्रदर्शन पर हैं।

गुर्जर नेता ने कहा, “हम तभी शांत होंगे, जब पांच फीसदी आरक्षण दिया जाएगा। सरकार से मेरी गुजारिश है कि वह ऐसा कुछ न करे, जिससे राजस्थान के लोग भड़क उठें। लोग सिर्फ मेरे निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं। हमें इस मसले को शांतिपूर्ण ढंग से निपटा लेना चाहिए। यह काम जितना जल्दी किया जाएगा, उतना सबके लिए बेहतर होगा।”

प्रदर्शन के चौथे दिन जारी रहने से सोमवार को कई ट्रेनें रद्द रहीं, जबकि कई के रूट में फेरबदल किया गया था। सोमवार को बैंसला ने दोहराया कि सरकार को वार्ता के लिए मलारना डूंगर में रेल पटरी पर ही आना होगा। आंदोलनकारी वार्ता के लिए कहीं नहीं जाएंगे। बैंसला और पूरी टीम बैठकर वहीं फैसला लेगी।

उन्होंने कहा, “बातचीत क्या करनी है? सरकार पांच प्रतिशत आरक्षण की हमारी मांग पूरी करे और हम घर चले जाएंगे।” उन्होंने आगे बताया कि मांगें नहीं माने जाने पर गुर्जर लंबे आंदोलन के लिए तैयार हैं। वहीं, पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) एम एल लाठर ने बताया कि आंदोलन के दौरान कहीं से अप्रिय घटना का कोई समाचार नहीं है। रविवार को कुछ हुड़दंगियों ने धौलपुर में पुलिस के तीन वाहनों को आग के हवाले कर दिया था और हवा में गोलियां चलाईं थीं।

लाठर के अनुसार, आंदोलनकारियों ने दौसा जिले में सिकंदरा के पास राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 11 को अवरूद्ध कर दिया है। इसके साथ ही नैनवा (बूंदी), बुंडला (करौली) व मलारना में भी सड़क मार्ग अवरुद्ध है। बता दें कि गुर्जर नेता शुक्रवार शाम सवाईमाधोपुर के मलारना डूंगर में रेल पटरी पर बैठ गए थे। गुर्जर समाज सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में गुर्जर, रायका रेबारी, गडिया, लुहार, बंजारा और गड़रिया समाज के लोगों के प्रवेश के लिए पांच प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रहा है।

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