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गुजरात में उत्‍तर भारतीयों के खिलाफ हो रही हिंसा पर राहुल गांधी ने तोड़ी चुप्‍पी, वजह भी बताई

राहुल गांधी ने ट्वीट में लिखा, ''गरीबी से बड़ी कोई दहशत नहीं है। गुजरात में हो रहे हिंसा की जड़ वहां के बंद पड़े कारखाने और बेरोजगारी है। व्यवस्था और अर्थव्यवस्था दोनों चरमरा रही हैं। प्रवासी श्रमिकों को इसका निशाना बनाना पूर्णत: गलत है। मैं पूरी तरह से इसके खिलाफ खड़ा रहूंगा।''

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुजरात में कथित तौर पर निशाना बनाए जा रहे उत्तर भारतीयों को लेकर चुप्पी तोड़ी है। (पीटीआई फाइल फोटो)

गुजरात में उत्तर भारतीयों के खिलाफ हो रही कथित हिंसा के खिलाफ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आखिरकार चुप्पी तोड़ी और सोमवार (8 अक्टूबर) की शाम मामले पर ट्वीट किया। 14 माह की बच्ची से कथित बलात्कार के बाद से शुरू हुई कथित हिंसा के मामले के पीछे राहुल गांधी ने अलग ही कारण बताया। राहुल गांधी ने ट्वीट में लिखा, ”गरीबी से बड़ी कोई दहशत नहीं है। गुजरात में हो रहे हिंसा की जड़ वहां के बंद पड़े कारखाने और बेरोजगारी है। व्यवस्था और अर्थव्यवस्था दोनों चरमरा रही हैं। प्रवासी श्रमिकों को इसका निशाना बनाना पूर्णत: गलत है। मैं पूरी तरह से इसके खिलाफ खड़ा रहूंगा।” बता दें कि मामले को लेकर जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के प्रवक्ता नीरज कुमार ने पत्र लिख कांग्रेस अध्यक्ष और उनके एक नेता को घेरा था। राहुल को भेजे पत्र में जेडीयू प्रवक्ता ने लिखा था, ”आपने गुजरात के कांग्रेस विधायक अल्पेश ठाकुर को बिहार कांग्रेस का सहप्रभारी नियुक्त किया और उनकी सेना (गुजरात क्षत्रिय ठाकोर सेना) बिहार के लोगों को गुजरात से बाहर करने में जुटी है।”

जेडीयू प्रवक्ता के जवाब में कांग्रेस नेता प्रेमचंद मिश्रा ने पलटवार करते हुए कहा था कि उन्हें राहुल गांधी को पत्र लिखने के बजाय सीएम नीतीश कुमार से बात करनी चाहिए क्योंकि वह बीजेपी से गठबंधन की सरकार चला रहे हैं और गुजरात में बीजेपी की ही सरकार है। कांग्रेस के एक और नेता संजय निरूपम ने गुजरात की कथित हिंसा को लेकर प्रधानमंत्री पर निशाना साधा था। निरूपन ने कहा था, “पीएम के गृह राज्य गुजरात में अगर उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश के लोगों को मार-मार कर भगाया जाएगा तो एक दिन पीएम को भी वाराणसी जाना है, ये याद रखना चाहिए। वाराणसी के लोगों ने उन्हें गले लगाया और प्रधानममंत्री बनाया था।”

मामले पर आरजेडी नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने भी ट्वीट किया, जिसमें लिखा, ”यूपी, बिहार के लोगों को पीटने वालों गुजरात के लम्पट संघियों समझ लो, प्रधानमंत्री यूपी से चुनाव जीते हैं। मोदी जी, आप देश के प्रधानमंत्री हैं। इस मुद्दे पर आपकी चुप्पी खतरनाक है। आपके राज्य के लोग गैर-गुजरातियों को पीटकर भगा रहे हैं। क्या यही है आपका टीम इंडिया और सबका साथ, सबका विकास?”

पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने भी ट्वीट किया, ”गुजरात में उत्तर भारतीयों पर हो रहे हमले की मैं निंदा करता हूं। अपराधी को कठोर सजा मिले, इसके लिए पूरा देश उस पीड़ित परिवार के साथ खड़ा हैं लेकिन एक अपराधी के कारण हम पूरे प्रदेश को गलत नहीं ठहरा सकते, आज गुजरात में 48 IAS एवं 32 IPS उ.प्र. और बिहार से हैं। हम सब एक हैं। जय हिंद।”

बता दें कि गुजरात के साबरकांठा जिले में बीते 28 सितंबर को 14 महीने की बच्ची के साथ कथित तौर पर बलात्कार किया गया था। आरोपी बिहार का रहने वाला बताया जा रहा है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था। तब से लेकर अब तक कथित हिंसा के कई मामले सामने आ चुके हैं और इसे लेकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को गुजरात के सीएम विजय रूपाणी से बात तक करनी पड़ी है।

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