गुजरात में एक एक सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी ने ‘हीरो बनने’ के चक्कर में रेलवे ट्रैक पर ‘विस्फोटक’ लगा दिया। रिटायर्ड सैन्यकर्मी रेलवे में कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहा था जिसे मामला सामने आने के बाद गिरफ्तार किया गया। वडोदरा शहर पुलिस ने बताया कि आरोपी ने पटरियों पर पटाखे बिछाने की बात कबूल कर ली है।

अनागढ़ के पास डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की रेलवे पटरियों से ‘पटाखे’ जब्त किए जाने के एक दिन बाद, वडोदरा शहर पुलिस ने सोमवार को उस रेलवे कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया, जिसने पटरियों पर विस्फोटक की मौजूदगी के बारे में पुलिस को सूचित किया था। पुलिस ने दावा किया कि जम्मू और कश्मीर के एक सेवानिवृत्त सेना जवान जिसे रेलवे पुलिस द्वारा पटरियों पर निगरानी रखने के लिए तीन साल के कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त किया गया था उसने कथित तौर पर बुझा पटाखा लगाया था। कर्मचारी ने ऐसा इसलिए किया ताकि उसे हीरो के रूप में पहचान मिल सके और उसे कॉन्ट्रैक्ट बढ़वाने में मदद मिल सके।

पुलिस ने बताया कि 47 साल के आरोपी मुश्ताक अहमद मोहम्मद शेख ने पूछताछ के दौरान पटरियों पर पटाखे रखने की बात कबूल की। जोन 1 के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) डॉ जगदीश चावड़ा ने बताया, “विस्तृत जांच की गई और मुश्ताक अहमद शेख से पूछताछ के दौरान हमें उसकी कहानी संदिग्ध लगी। स्थानीय पुलिस द्वारा विस्तृत पूछताछ करने पर उसने स्वीकार किया कि वह इस वर्ष रेलवे पुलिस के साथ अपना कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने को लेकर चिंतित था। उसने कहा कि उसे पता था कि रेलवे में जो कर्मचारी तत्परता से अपना कर्तव्य निभाते हैं उन्हें अक्सर पुरस्कृत किया जाता है या उनका कार्यकाल बढ़ाया जाता है। ऐसे में अपने कॉन्ट्रैक्ट को बढ़वाने के लिए वह खुद को अच्छा दिखाना चाहता था। उसने यह योजना इसलिए बनाई ताकि वह पुलिस की नज़र में अच्छा बन सके।”

जम्मू-कश्मीर के मूल निवासी शेख को 2024 से रेलवे पटरियों पर गश्त करने के लिए रेलवे पुलिस में संविदा पर रखा गया था। वह शेरखी गांव में रहता था और उसने अपने गांव के पास हाल ही में हुई एक शादी से पटाखे खरीदे थे। वडोदरा शहर पुलिस ने बताया कि पटाखों की विस्तृत जांच पर फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट का इंतजार है।

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भारतीय सेना ने जम्मू कश्मीर में अपने सफल ऑपरेशन को लेकर विस्तृत जानकारी शेयर की है, जहां आतंकियों के नेटवर्क को सुरक्षाबलों ने एक बड़ा झटका दिया है। यह घटना सुरक्षा बलों द्वारा किश्तवार जिले में एक मुठभेड़ में पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के तीन सदस्यों को मार गिराए जाने के एक दिन बाद हुई है, जिनमें सबसे वांछित आतंकवादी सैफुल्लाह भी शामिल था। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें